Omicron साउथ अफ्रीका से 8 हजार किमी दूर भारत में इतनी जल्दी कैसे फैला? कहां हुई चूक

नई दिल्ली. Coronavirus के नए वैरिएंट Omicron का खतरा भारत में किस कदर बढ़ रहा है इसका अंदाजा आप आंकड़ों से लगा सकते हैं. सबसे पहले कर्नाटक (Karnataka) के बेंगलुरु (Bengaluru) में Omicron के 2 केस मिले थे. लेकिन अब एक दिन में Omicron के 17 मामलों की पुष्टि हुई है. Omicron से निपटने के लिए सरकार की ओर से तमाम उपाय किए जा रहे हैं. कोशिश यही है कि इस वायरस को किसी भी तरह से फैलने से रोका जाए.

भारत के कई राज्यों में मिले Omicron के केस

एक दिन में 17 नए केस, जी हां कोरोना वायरस (Coronavirus) के नए वैरिएंट Omicron का भारत में यही सच है. और ये आंकड़ा बता रहा है कि भले ही हम इसे रोकने के लिए कितनी भी कोशिशे करें, ये दबे पांव देश के अलग-अलग राज्यों में अपनी पहुंच बनाता जा रहा है. 8 हजार किलोमीटर दूर साउथ अफ्रीका से भारत आकर Omicron देश में तेजी से फैल रहा है.

राजस्थान में Omicron के 9 केस मिलने से हड़कंप

सबसे ताजा मामला राजस्थान के जयपुर का है. यहां पर 9 सैंपल में Omicron की पुष्टि हुई है. चिंता की बात ये है कि इनमें से 4 लोग एक ही परिवार के हैं. ये लोग 25 नवबंर को दक्षिण अफ्रीका (South Africa) से लौटे थे. राजस्थान सरकार के मुताबिक फिलहाल कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग (Contact Tracing) का काम जारी है.

महाराष्ट्र में मिले Omicron के 7 मामले

वहीं महाराष्ट्र में Omicron के 7 नए केस मिले हैं. नए संक्रमितों में 44 साल की भारतीय मूल की नाइजीरियाई महिला भी है. वो अपनी 12 साल और 18 साल की 2 बेटियों के साथ 24 नवंबर को पुणे से सटे पिंपरी चिंचवड़ में अपने भाई से मिलने नाइजीरिया के लेगास से आई थी. इनके परिवार के 6 लोग Omicron से संक्रमित हो गए हैं. खास बात ये है कि इन 6 लोगों में से 3 लोगों की उम्र 18 साल से कम है और इन्होंने कोरोना की वैक्सीन नहीं ली है. वहीं Omicron का 7वां मामला पुणे से है. 47 साल का एक शख्स 25 नवंबर को फिनलैंड से भारत लौटा था. 29 नवंबर को उसकी जांच की गई और रिपोर्ट पॉजिटिव आई. डोंबिवली में एक केस पिछले हफ्ते ही मिल चुका था.

बता दें कि वैक्सीनेशन पर आज (सोमवार को) दिल्ली में राष्ट्रीय तकनीकी सलाहकार समूह की अहम बैठक होने जा रही है. इस बैठक में कमजोर इम्युनिटी वाले लोगों को वैक्सीन की अतिरिक्त डोज के अलावा बच्चों की वैक्सीन पर चर्चा हो सकती है. वहीं जानकारों का कहना है कि तेलंगाना में जनवरी-फरवरी के बीच कोरोना केस बढ़ सकते हैं.

कोरोना के Omicron वैरिएंट पर लगातार स्टडी जारी है. हालांकि अब तक जो जानकारी सामने आई है उसके आधार पर एक्सपर्ट कह रहे हैं कि इसके नेचर को समझने में कुछ समय और लगेगा. तब तक बचाव के लिए मास्क और सोशल डिस्टेसिंग ही एक मात्र विकल्प है.

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