देश में पीने का पानी कितना सुरक्षित ?
क्या आपके घर के नल से आने वाला पानी वास्तव में पीने योग्य है ? यह सवाल आज देश के हर नागरिक के लिए बेहद अहम हो गया है। केंद्र सरकार ने हाल ही में राज्यसभा में जो आंकड़े पेश किए हैं, वे भारत में पेयजल की शुद्धता को लेकर एक चिंताजनक तस्वीर पेश करते हैं। सरकारी रिपोर्ट के अनुसार, पिछले एक साल में देश भर में लिए गए लगभग 64 लाख पानी के सैंपलों में से 1.61 लाख से अधिक सैंपल लैब टेस्ट में फेल हो गए। सबसे बड़ी चुनौती उन राज्यों में है, जहां सघन खेती और औद्योगिक गतिविधियां अधिक हैं।
जल शक्ति राज्य मंत्री वी. सोमन्ना ने राज्यसभा में टीएमसी सांसद सुखेंदु शेखर राय के एक सवाल के जवाब में यह जानकारी साझा की। 2 मार्च 2026 तक के ये आंकड़े बताते हैं कि ‘नल से जल’ पहुंचाने के मिशन के साथ-साथ ‘शुद्ध जल’ सुनिश्चित करना सरकार के लिए एक बड़ी अग्निपरीक्षा साबित हो रहा है।


