Irfan Khan के बेटे Babil की लोगों से अपील, Sushant Singh Rajput के नाम पर ऐसा न करें


नई दिल्ली. बॉलीवुड एक्टर इरफान खान के बेटे बाबिल ने अपने इंस्टाग्राम पोस्ट परसुशांत सिंह राजपूत से जुड़ी एक पोस्ट की है. इस पोस्ट में उन्होंने उनके इस तरह से दुनिया को अलविदा कहने पर अफसोस जाहिर करते हुए बहुत ही भावनात्मक बात लिखी है. हालांकि ये पोस्ट मुख्यत: उन लोगों के लिए है जो सुशांत सिंह राजपूत की मौत के बाद से सोशल मीडिया पर नेपोटिज्म को लेकर मुखर हैं. उन्होंने अपने पोस्ट में साफ लिखा है कि नेपोटिज्म का विरोध सही है, लेकिन इसमें किसी के नाम को लेकर अपनी लड़ाई न लड़ें.

बाबिल ने अपने पोस्ट पर कहा है कि सुशांत का नाम लिए बिना नेपोटिज्म के खिलाफ आवाज उठाई जानी चाहिए. उन्होंने लिखा कि सुशांत की मौत के बहाने से नेपोटिज्म के मुद्दे को उठाना गलत है. सोशल मीडिया पर बॉलीवुड में भाई-भतीजावाद की बहस सुशांत की मौत के बाद से ही शुरू हुई है. इन सब के बीच, इरफान खान के बेटे बाबिल खान ने दिल खोलकर इंस्टाग्राम पर अपनी बात कही है. उन्होंने लिखा है कि सुशांत सिंह राजपूत की मौत के बाद सभी को दोष देने का खेल शुरू हो गया है और इसका कोई मतलब नहीं है.

बाबिल ने सुशांत के ठीक एक महीने पहले अपने पिता इरफान की मौत का हवाला देकर अपने नोट की शुरुआत की.  उन्होंने लिखा कि, हमने दो बेहद उम्दा कलाकारों को खो दिया है और ये यकीन कर पाना बेहद मुश्किल है. सुशांत का इस तरह चले जाना एक धक्का है, लेकिन हम इसका आरोप किसी चीज या लोगों पर लगा रहे हैं, ये अपने आप में बहुत ही गलत बात है. हम अपने सुकून के लिए किसी और पर आरोप लगा रहे हैं. ये सही नहीं है. मैं आप सभी से अनुरोध करता हूं कि ये सब बंद कर दें और हमें ये स्वीकार करना होगा कि जिंदगी उतार-चढ़ावों से भरी हुई है. हमें इसे ऐसे ही स्वीकार करना होगा. आप सुशांत की मौत के पीछे के कारणों को खोजना बंद कर दें. इन सब से उन लोगों को सबसे ज्यादा दुख पहुंच रहा है, जिन्होंने असल इस घटना को झेल चुके हैं.” हमें सही लोगों के साथ खड़ा होना चाहिए. आप नेपोटिज्म के खिलाफ खड़े होना चाहते हैं तो जरूर खड़े हों, लेकिन सुशांत के नाम को लेकर ऐसा न करें.

बता दें कि 14 जून को सुशांत ने अपने बांद्रा स्थित घर पर सुसाइड कर लिया था और उसके बाद से सोशल मीडिया पर नेपोटिज्म को लेकर एक जंग शुरू हो गई है. बाबिल ने लोगों को भाई-भतीजावाद के बारे में बात करने के लिए प्रोत्साहित किया, लेकिन सुशांत के नाम पर नहीं.

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