हत्‍या के आरोपीगण को आजीवन कारावास

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टीकमगढ़. मीडिया सेल प्रभारी एन. पी. पटेल ने बताया कि दिनांक 15.11.2017 को फरियादी सुनील कुशवाहा निवासी सतगुवां कंचनपुरा ने थाना लिधौरा में इस आशय की रिपोर्ट दर्ज कराई कि उसके पिता बृगभान कुशवाहा (मृतक) दिनांक 12.11.2017 को शाम करीब 7:30 बजे घर से बिना बताये कहीं चले गये थे जो नहीं मिलने पर गुमशुदगी रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी इसके पश्‍चात् उनकी पुलिस ने तलाश की तो अगले दिन सुबह करीब 10:00 बजे फरियादी के चाचा ठाकुरदास ने बताया कि मातौल हार के कुआं में एक लाश पानी के ऊपर तैरती दिखी जो प्‍लास्टिक की बोरी में रस्‍सी से बंधी थी जिसकी पहचान बृगभान कुशवाहा के रूप में हुई। दौरान विवेचना पुलिस ने हरीराम कुशवाहा एवं सावित्री कुशवाहा से पूछताछ की गयी जिसका अभियोग पत्र माननीय न्‍यायालय न्‍यायिक मजिस्‍ट्रेट प्रथम श्रेणी, जतारा के समक्ष प्रस्‍तुत किया जिससे उसे माननीय सत्र न्‍यायालय टीकमगढ़ में उपार्पित किया गया जिससे प्रकरण अपर सत्र न्‍यायालय जतारा को प्राप्‍त हुआ और विचारण चला। माननीय न्‍यायालय जतारा द्वारा संपूर्ण विचारण पश्‍चात् अपने निर्णय में प्रकरण की संपूर्ण परिस्थितियों को विचार में लेते हुए आरोपीगण हरिराम कुशवाहा एवं श्रीमती सावित्री कुशवाहा को धारा 302 भादवि सहपठित धारा 34 भादवि के आरोप में दोषसिद्ध पाते हुए आजीवन कारावास की सजा एवं 10000-10000/- रूपये (दस-दस हजार रूपये) व धारा 201 भादवि में 5-5 वर्ष के सश्रम कारावास और 2000-2000/- रूपये (दो-दो हजार रूपये) के अर्थदण्‍ड से दण्डित किया गया  है। उक्‍त प्रकरण में शासन की ओर से पैरवी अपर लोक अभियोजक श्री इमरत लाल अहिरवार द्वारा की गई।

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