डकैती सहित महिला की हत्या करने वाली तीन आरोपी को आजीवन करावास

सागर. डकैती सहित महिला की हत्या़ करने वाले आरोपी को न्यायालय द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश तह. रहली जिला-सागर की अदालत ने दोषी करार देते हुये आरोपीगण मिथुन कुचबदिया, दानिश शाह, बहादुर सिंह को भा.दं.सं. की धारा-396 के तहत आजीवन कारावास एवं 1000-1000 अर्थदण्ड , आरोपी सोनल जैन को भादवि की धारा-412 के तहत 10 वर्ष का सश्रम कारावास व 1000 रू अर्थदण्ड की सजा से दंडित किया। मामले की पैरवी सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी, श्री लोकेश कुमार दुबे ने की । घटना संक्षिप्त में इस प्रकार है कि फरियादी कृष्ण कुमार ने रिपोर्ट लेख कराई कि दिनॉक 21-22/06/2016 की दरमियानी रात फरियादी कृष्ण कुमार निवासी-पटना बुजर्ग के निवास स्थान पर परिवार सहित सो रहे थे उसी समय पॉच से अधिक व्यक्ति डकैती करने के आशय से घातक हथियार से सुसज्जित  होकर अपनी पहचान छिपाकर बलपूर्वक फरियादी के घर के अंदर घुसे और फरियादी कृष्ण कुमार के साथ लाठी डंडो मारपीट की तथा सोना-चॉदी के जेवर एवं नकदी की लूट-पाट की । घटना के समय फरियादी कृष्ण कुमार की पत्नी रामवती पटैल सोयी हुई थी जागने पर उसके द्वारा प्रतिरोध करने पर अभियुक्तगण में से किसी ने उसके सिर पर कुल्हाड़ी मार दी । गंभीर चोट आने से उसकी मृत्यु हो गई इसके बाद घर के अंदर घुस कर अभियुक्तगण ने लोहे की पेटी तोड़कर नकदी और सोने चॉदी के जेवर लेकर भाग गये । थाने पर प्रकरण पंजीबद्ध कर मामला विवेचना में लिया गया। विवेचना के दौरान साक्षियों के कथन लेख किये गये, घटना स्थल का नक्शा मौका तैयार किया गया । आरोपी मिथुन, दानिश, बहादुर सिंह को अभिरक्षा में लेकर पूछताछ की गई आरोपीगण से लूटे हुये जेवरों की बरामदगी की गई , फरियादी एवं आहतगण से आरोपीगण की जेल में पहचान कराई गई शिनाख्ती मेमों तैयार किया गया आरोपी सोनल द्वारा लूटे गये माल को आरोपीगण से खरीदा गया था जिस कारण सोनल जैन को धारा- 412 भादवि का आरोपी बनाया गया थाा । अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्रित कर थाना-रहली द्वारा धारा 394, 397,460,396,412 भा.दं.सं.का अपराध आरोपी के विरूद्ध दर्ज करते हुये विवेचना उपरांत चालान न्यायालय में पेश किया। विचारण के दौरान अभियोजन द्वारा अभियोजन साक्षियों एवं संबंधित दस्तावेजों को प्रमाणित किया गया, अभियोजन ने अपना मामला संदेह से परे प्रमाणित किया । जहॉ विचारण उपरांत न्यायालय द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश तह.रहली जिला-सागर की अदालत ने दोषी करार देते हुये आरोपीगण मिथुन कुचबदिया, दानिश शाह, बहादुर सिंह को भा.दं.सं. की धारा-396 के तहत आजीवन कारावास एवं 1000-1000 अर्थदण्ड , आरोपी सोनल जैन को भादवि की धारा-412 के तहत 10 वर्ष का सश्रम कारावास व 1000 रू अर्थदण्ड की सजा से दंडित किया है।
महिला से छेड़छाड़ करने वाले दो आरोपी को 03-03 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 500-500 रूपये जुर्माना :  महिला से छेड़छाड़ करने वाले दो आरोपी रतन सिंह एवं खेत सिंह को न्यायालय न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी तह. बंडा जिला-सागर श्रीमती ज्योत्सना तोमर की अदालत ने दोषी करार देते हुये भा.दं.सं. की धारा 354/34 के तहत तीन-तीन वर्ष के सश्रम कारावास तथा 500-500/- रूपये के अर्थदंड एवं धारा 354-ख/34 के तहत भी तीन-तीन वर्ष के सश्रम कारावास तथा 500-500/- रूपये के अर्थदंड की सजा से दंडित किया। मामले की पैरवी सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी, श्री ताहिर खान ने की ।  घटना संक्षेप में इस प्रकार है कि फरियादिया ने थाना बण्डा में रिपोर्ट दर्ज कराई है कि वह ग्राम मुड़ारी बुजुर्ग की रहने वाली है, उसकी ससुराल ग्राम पिपरोधा में है, वह दिनांक 25.06.2017 को लगभग रात्रि 09 बजे, उसके बड़े भाई संतोष लोधी के साथ ससुराल से मायके मुड़ारी बुजुर्ग बस से आ रही थी और तिंसी चौराहा में बस से उतर कर भाई के साथ चौराहा में खड़ी थी, तभी गांव के रतन लोधी और खेत सिंह लोधी आये और संतोष से बोले कि फरियादिया को उनकी मोटरसाइकिल पर बैठा दो, तो संतोष ने फरियादिया को उनकी मोटरसाइकिल में बैठा दिया, तब रतन लोधी मोटरसाइकिल आगे चलकर ततरवारा रोड पर ले जाने लगा जिससे फरियादिया मोटरसाइकिल से कूद गई और वह भागने लगी तब रतन ने मोटरसाइकिल खड़ी करके उसे दौड़कर पकड़ लिया और बुरी नियत से उससे झूमा झटकी की जिससे वह गिर गई, फिर वह छूटकर भागी तो पास में बने मकान धर्मेन्द्र लोधी के घर पहुंच गई तब रतन बोल रहा था कि यदि किसी को यह बात बताई तो जान से खत्म कर देगा। खेतसिंह भी बोल रहा था कि इसके साथ गलत काम करना है, झूमा झटकी एवं गिरने से उसे बांये हाथ की कुहनी, दाहिने हांथ की कुहनी और बांये पैर के घुटने के पास एवं बांये पैर के पुटठे मे चोट लगी है। पूरी घटना धर्मेन्द्र के घर वालो ं को बताई, बाद में संतोष, वीरेन्द्र, हल्लू, आ गये थे जिन्हे घटना बताई थी। थाने पर प्रकरण पंजीबद्ध कर मामला विवेचना में लिया गया। विवेचना के दौरान साक्षियों के कथन लेख किये गये, घटना स्थल का नक्शा मौका तैयार किया गया अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्रित कर थाना-बंडा द्वारा धारा 294, 354, 506, 34 भा.दं.सं.का अपराध आरोपी के विरूद्ध दर्ज करते हुये विवेचना उपरांत चालान न्यायालय में पेश किया। विचारण के दौरान अभियोजन द्वारा अभियोजन साक्षियों एवं संबंधित दस्तावेजों को प्रमाणित किया गया, अभियोजन ने अपना मामला संदेह से परे प्रमाणित किया । जहॉ विचारण उपरांत न्यायालय न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी तह. बंडा जिला-सागर की अदालत ने दोषी करार देते हुये दोनों आरोपीगण को भा.दं.सं. की धारा 354/34 के तहत तीन-तीन वर्ष के सश्रम कारावास तथा 500-500/- रूपये के अर्थदंड एवं धारा 354-ख/34 के तहत भी तीन-तीन वर्ष के सश्रम कारावास तथा 500-500/- रूपयेे अर्थदण्ड की सजा से दंडित किया है।
नाबालिग से बलात्कार करने वाले आरोपी को 20 वर्ष का कठोर कारावास एवं 5000 रूपये जुर्माना : नाबालिग से बलात्काऱ करने वाले आरोपी अरविंद अहिरवार को न्यायालय विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) एवं अपर सत्र न्यायाधीश, तह. देवरी जिला-सागर की अदालत ने दोषी करार देते हुये भा.द.वि.1860 की धारा 376(3)के तहत 20 वर्ष का कठोर कारावास एवं 5000/- रूपये अर्थदण्ड की सजा से दंडित किया। मामले की पैरवी सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी, श्री लक्ष्मी प्रसद कुर्मी ने की । घटना संक्षेप में इस प्रकार है कि दिनांक 06.11.2019 को अभियोक्त्री ने रिपोर्ट लेख कराई कि दिनॉक 26.12.2020 को जब वह रात करीब 12 बजे बाथरूम के लिये अपनी टपरिया के बाहर निकली तो आरोपी अरविंद अहिरवार खड़ा था जिसने उसे बुलाया तो वह उसके पास चली गई तो आरोपी अभियोक्त्री से कहने लगा,वह उसे अच्छी लगती है और आरोपी उसके साथ छेड़छाड़ करने लगा, अभियोक्त्री ने कहा कि मम्मी पापा से बोल दूॅंगी तुम अपने घर जाओं और अभियोक्त्री अपने घर की तरफ आने लगी तो आरोपी ने उसे पीछे से पकड़ लिया और अभियोक्त्री का मुॅह दबाकर जबरदस्ती जमीन पर गिरा दिया और उसके साथ बलात्कार करने लगा फिर अभियोक्त्री मुश्किल से अपना हाथ झटककर चिल्लाई तो आवाज सुनकर अभियोक्त्री के घर वाले आ गये जिन्हें देखकर आरोपी भाग गया जिसके बाद अभियोक्त्री द्वारा अपनी मॉ को घटना के संबंध में बताये जाने पर माता-पिता साथ थाने आकर घटना की रिपोर्ट  दर्ज कराई । थाने पर प्रकरण पंजीबद्ध कर मामला विवेचना में लिया गया, विवेचना के दौरान साक्षियों के कथन लेख किये गये, घटना स्थल का नक्शा मौका तैयार किया गया अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्रित कर थाना-देवरी द्वारा धारा- 376(3)ए, 376(2)आई एवं लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम धारा-3/4 का अपराध आरोपी के विरूद्ध दर्ज करते हुये विवेचना उपरांत चालान न्यायालय में पेश किया। विचारण के दौरान अभियोजन द्वारा अभियोजन साक्षियों एवं संबंधित दस्तावेजों को प्रमाणित किया गया, अभियोजन ने अपना मामला संदेह से परे प्रमाणित किया । जहॉ विचारण उपरांत  न्यायालय विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) एवं अपर सत्र न्यायाधीश तह. देवरी जिला-सागर की न्यायालय ने आरोपी को भा.द.वि. 1860 की धारा 376(3) के तहत 20 वर्ष का कठोर कारावास एवं 5000/- रूपये अर्थदण्ड की सजा से दंडित किया है।
फर्जी दस्तावेज के आधार पर सेना भर्ती में नौकरी पाने वाले आरोपीगण को  10-10 वर्ष का सश्रम कारावास : फर्जी दस्तावेज के आधार पर सेना भर्ती में नौकरी पाने वाले आरोपीगण को न्यायालय द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश, जिला-सागर श्री शिव बालक साहू की अदालत ने दोषी करार देते हुये भा.द.वि. की धारा 420 में 02 वर्ष के सश्रम कारावास व 1000/- रू. जुर्माना,  धारा- 467 में 10 वर्ष का सश्रम कारावास व 5000/- रू अर्थदण्ड , धारा- 468 में 05 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 3000/- रूपये अर्थदण्ड, धारा- 471 में 10 वर्ष का सश्रम कारावास व 5000/- रू अर्थदण्ड की सजा से दंडित किया। मामले की पैरवी अपर लोक अभियोजक आशीष चतुर्वेदी द्वारा की गई।  जिला अभियोजन के मीडिया प्रभारी श्री सौरभ डिम्हा द्वारा बताया गया कि दिनॉक 14.07.2016 को सूबेदार कानसिंह राजपूत द्वारा थाना केंट में एक शिकायत आवेदन पेश किया कि मुकेश कुमार , मंदीप सिंह, अजय और लोकेश कुमार द्वारा फर्जी दस्तावेज प्रस्तुत कर आर्मी में नौकरी प्राप्त की गई है आवेदन के आधार पर थाना केंट में अपराध क्रमांक- 313/16 धारा-420, 467,468,471,120बी का अपराध पंजीबद्ध कर प्रथम सूचना रिपोर्ट लेख की गई मामला विवेचना में लिया गया विवेचना के दौरान सूबेदार कान सिह तथा साक्षी लखविंदर सिंह , राकेश मौर्य के कथन लेख किये गये जिसमें यह पाया गया कि आरोपीगण द्वारा फर्जी दस्तावेज रहदारी फार्म, मेडीकल सर्टिफिकेट  प्रस्तुत कर टेªंनिग बटालियन महार रेजीमेंट में भर्ती होने का प्रयास किया गया। यह फर्जी दस्तावेज आरोपियों ने दिल्ली स्टेशन से प्राप्त कर सागर महार रेजीमेंट में पेश किये । आरोपी गिरीराज से भी पूछताछ की गई जिसमें उसने बताया कि दिनॉक 24.06.2016 को रेल्वे स्टेशन दिल्ली में आरोपीगण जो मेरे रिश्तेदार है जिनसे आर्मी में भर्ती के लिये 5-5 लाख रूपये लिये थे एवं रहदारी फार्म तथा मेडीकल फार्म लेकर महार रेजीमेंट में आमद देने भेजा था  जो पैसा इन आरोपियों से लिया था वह अपने निजी उपयोग में खर्च कर लिया। विवेचना के दौरान आरोपीगण के कूटरचित रहदारी फार्म प्राइमरी मेडीकल एक्जामिनेशन फार्म जब्त किये गये जिनका मिलान सेना द्वारा दिये गये असली रहदारी प्रमाण-पत्र एवं मेडीकल फार्म से किया गया तो आरोपियों द्वारा दिये गये दस्तावेज फर्जी निकले । आरोपीगण के संबंध में पत्र व्यवहार कर आईआरओ दिल्ली केंट 10 से जानकारी प्राप्त की गई जिनमें आरोपीगण का किसी प्रकार का चयन सेना में नहीं किये जाने संबंधी लिखित जानकारी पत्र के माध्यम से प्राप्त हई थी तथा आरोपीगण द्वारा प्रस्तुत रहदारी फार्म मेडीकल एक्जामिनेशन फार्म का फर्जी होना बताया गया जिसके आधार पर आरोपीगण के विरूद्ध भादवि की धारा-420, 467,468,471,120बी  का चालान न्यायालय में पेश किया गया। विचारण के दौरान अभियोजन द्वारा अभियोजन साक्षियों एवं संबंधित दस्तावेजों को प्रमाणित किया गया, अभियोजन ने अपना मामला संदेह से परे प्रमाणित किया । जहॉ विचारण उपरांत न्यायालय द्वितीय अपर सत्र न्यायधीश जिला-सागर श्री शिव बालक साहू की न्यायालय ने आरोपीगण को भा.द.वि. की धारा 420 भादवि में 02 वर्ष का सश्रम कारावास व 1000/- रू. जुर्माना धारा- 467 में 10 वर्ष का सश्रम कारावास व 5000/- रू अर्थदण्ड , धारा- 468 में 05 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 3000/- रूपये अर्थदण्ड, धारा- 471 में 10 वर्ष का सश्रम कारावास व 5000/- रू अर्थदण्ड की सजा से दंडित किया।

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