ममता का चुनावी शंखनाद, भाजपा पर लगाया बांटने और ‘अघोषित राष्ट्रपति शासन’ का गंभीर आरोप
कोलकाता. पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सुप्रीमो ममता बनर्जी ने शुक्रवार को आगामी चुनावों के लिए अपनी पार्टी का संकल्प पत्र जारी कर दिया। ’10 शपथ’ (अंगीकार) के जरिए ममता ने विकास का नया विजन पेश करने के साथ ही केंद्र की भाजपा सरकार और निर्वाचन आयोग पर अब तक का सबसे तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा बंगाल में ‘अघोषित राष्ट्रपति शासन’ चला रही है और राज्य को भौगोलिक रूप से खंडित करने की गहरी साजिश रच रही है।
घोषणापत्र जारी करने के दौरान ममता बनर्जी ने निर्वाचन आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए उसे भाजपा का ‘तोता’ करार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य के महत्वपूर्ण विभागों जैसे खाद्य, पंचायत और लोक निर्माण विभाग के सचिवों को ‘ऑब्जर्वर’ बनाकर जानबूझकर दूसरे राज्यों में भेजा जा रहा है। ममता ने कहा कि यह विकास रोकने की चाल है। अगर राशन वितरण में समस्या आती है या सड़कों की मरम्मत रुकती है, तो इसके लिए भाजपा जिम्मेदार होगी। अधिकारियों के तबादले के जरिए बंगाल में अघोषित राष्ट्रपति शासन लगा दिया गया है।”


