मेडिकल बोर्ड के एसी सुनील कुमार सिंह ने कांट्रेक्टर से मिलकर किया बिलासपुर के टेंडर में हेर फेर :ठेकेदार का आरोप

बिलासपुर. बिलासपुर के कोनी में प्रस्तावित लगभग 27 करोड़ की लागत से बनने वाले कैंसर हॉस्पिटल पहले ही भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गया है प्राप्त जानकारी के अनुसार 29 जुलाई 2022 तक बिलासपुर में निर्मित होने वाले कैंसर हॉस्पिटल के टेंडर डाले जाने की अंतिम तिथि थी लगभग 8 ठेकेदारों ने ऑनलाइन ऑनलाइन टेंडर भरा जिसमें से चार ठेकेदार अपात्र घोषित कर दिए गए अपात्र घोषित किए गए ठेकेदारों में से एक ठेकेदार अशोक कुमार मित्तल कंस्ट्रक्शन कंपनी ने अपात्र घोषित किए जाने के बाद नया रायपुर स्थित सी जी एम एस सी  के रायपुर स्थित मुख्यालय में कंपनी के द्वारा ऑनलाइन टेंडर भरे जाने के दौरान सभी आवश्यक कागजात सबमिट किए जाने की सूचना दी व अपात्र घोषित किए जाने पर आपत्ति जताकर शिकायत दर्ज की है।सीजीएमएससी के अधिकारियों ने माना है कि अशोक मित्तल कंस्ट्रक्शन कंपनी को गलत तरीके से अपात्र घोषित किया गया है। CG MSc के सुप्रीटेंड इंजीनियर सुनील कुमार सिंह ने सभी नियमों को ताक में रखते हुए जेपी कंट्रक्शन कंपनी को ठेका दे दिया गया है।टेंडर प्रक्रिया में गड़बड़ी को आप ऐसे समझें 19 अगस्त दिन शुक्रवार को जन्माष्टमी की छुट्टी के दिन शाम 5:30 के बाद टेंडर खोला गया जो नियम के विरुद्ध है और इसके अलावा शनिवार व रविवार की छुट्टी थी जिससे कोई आपत्ति भी नहीं कर सकता था।टेंडर पाने वाले जेपी कंस्ट्रक्शन कंपनी के कागजातों की जब जांच की गई तो उनके महत्वपूर्ण कागज़ संलग्न नहीं थे।लगभग 27 करोड़ की लागत से बनने वाला कैंसर हॉस्पिटल राज्य सरकार की अति महत्वपूर्ण योजनाओं में से एक है जिसमें कैंसर पीड़ितों को राहत देने की मंशा साफ है। सीजीएमएससी के अधिकारी सुनील कुमार सिंह व ठेकेदार जेपी कल तो सब कंपनी की मिलीभगत से बिलासपुर का कैंसर हॉस्पिटल अब सरकार के गले का कैंसर बनने जा रहा है। जानबूझकर अपात्र किए गए ठेकेदार जांच की मांग कर रहे हैं एवं कानूनी लड़ाई लड़ने की रूपरेखा बना रहे हैं।

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