खिलाड़ियों की मजबूत आवाज बनीं विधायक  कविता

रायपुर. बिलाईगढ़ विधानसभा क्षेत्र में खेल मैदानों के विकास, स्टेडियम निर्माण और खिलाड़ियों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के मुद्दे पर विधायक श्रीमती कविता लहरे ने विधानसभा बजट सत्र बुधवार को प्रभावी ढंग से आवाज उठाई। उनके सवालों ने न केवल क्षेत्र की जमीनी हकीकत उजागर की, बल्कि सरकार की खेल संबंधी तैयारियों पर भी गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े कर दिए।

विधानसभा में पूछे गए तारांकित प्रश्न के माध्यम से विधायक लहरे ने यह जानना चाहा कि बिलाईगढ़ क्षेत्र में विकासखंड स्तर पर कितने खेल स्टेडियम या मिनी स्टेडियम स्वीकृत हैं और उनमें से कितनों का निर्माण कार्य पूर्ण हुआ है। सरकार की ओर से “जानकारी निरंक” का जवाब सामने आया। यह जवाब अपने आप में इस बात का संकेत है कि क्षेत्र में खेल अधोसंरचना के विकास को लेकर कोई ठोस पहल नहीं की गई है।

बहुउद्देशीय खेल परिसर पर भी ‘ना’

विधायक लहरे ने बिलाईगढ़ नगर और आसपास के क्षेत्रों में एक सुसज्जित बहुउद्देशीय खेल परिसर के निर्माण की योजना के संबंध में भी प्रश्न किया। उन्होंने यह मुद्दा उठाया कि खेल परिसर के अभाव में खिलाड़ियों को अभ्यास के लिए उचित मैदान, ट्रैक, इंडोर सुविधा और कोचिंग संसाधन उपलब्ध नहीं हो पा रहे हैं। इस पर सरकार ने स्पष्ट रूप से ‘जी नहीं’ कहकर किसी भी प्रस्तावित योजना से इनकार कर दिया।

खेल सामग्री वितरण में भी लापरवाही

पिछले तीन वर्षों में कितनी ग्राम पंचायतों को खेल सामग्री वितरित की गई, इस प्रश्न के उत्तर में सरकार ने बताया कि केवल 4 ग्राम पंचायतों को सामग्री दी गई है। चौंकाने वाली बात यह रही कि सामग्री वितरण के लिए कोई निर्धारित रोस्टर या पारदर्शी प्रक्रिया तय नहीं है। इससे वितरण प्रक्रिया की निष्पक्षता और व्यापकता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

ग्रामीण प्रतिभाओं के लिए नहीं कोई विशेष योजना

विधायक लहरे ने ग्रामीण क्षेत्रों की खेल प्रतिभाओं को चिन्हित कर उन्हें राज्य स्तरीय प्रशिक्षण देने हेतु विशेष कोचिंग कैंप या अकादमी संचालन के संबंध में भी सवाल उठाया। सरकार का जवाब यहां भी नकारात्मक रहा। न तो वर्तमान में कोई कोचिंग कैंप संचालित किया जा रहा है और न ही भविष्य के लिए कोई स्पष्ट योजना प्रस्तुत की गई।

युवाओं की उम्मीदों की प्रतिनिधि बनीं लहरे

राजनीतिक विश्लेषकों और क्षेत्रीय नागरिकों का मानना है कि विधायक कविता ने जिस स्पष्टता और मजबूती से यह मुद्दा उठाया, वह बिलाईगढ़ के युवाओं और खिलाड़ियों की भावनाओं का सशक्त प्रतिनिधित्व है। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि खेल केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि युवाओं के भविष्य, स्वास्थ्य और रोजगार से भी जुड़ा विषय है।

क्षेत्र के खेल प्रेमियों का कहना है कि प्रतिभा की कोई कमी नहीं है, लेकिन संसाधनों और प्रशिक्षण के अभाव में खिलाड़ी आगे नहीं बढ़ पा रहे हैं। ऐसे में विधायक द्वारा सदन में उठाया गया यह मुद्दा सरकार के लिए एक चेतावनी के रूप में देखा जा रहा है।

सरकार पर बढ़ा दबाव

विधानसभा में सामने आए तथ्यों के बाद सरकार पर बिलाईगढ़ क्षेत्र में खेल अधोसंरचना विकसित करने का दबाव बढ़ गया है। स्थानीय युवाओं और सामाजिक संगठनों ने मांग की है कि शीघ्र ही स्टेडियम निर्माण, बहुउद्देशीय खेल परिसर की स्थापना, नियमित खेल सामग्री वितरण और कोचिंग कैंप की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

विधायक कविता लहरे का यह प्रयास क्षेत्र में खेल विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। अब देखना यह होगा कि सरकार इस मुद्दे पर ठोस कार्ययोजना लाकर युवाओं की उम्मीदों पर कितना खरा उतरती है।

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