धान नहीं, भाजपा सरकार का सिस्टम सड़ चुका है.. दीपक बैज

 
धान सड़ने, चूहा खाने के नाम पर पूरे प्रदेश में सुनियोजित भ्रष्टाचार हो रहा


रायपुर. 
पिछले वर्ष के धान का निराकरण सरकार नहीं कर पाई है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि धान संग्रहण केन्द्रों में पड़े-पड़े सड़ रहे है, भीग गया, चूहे खा रहे, दीमक लग कर खराब हो गया। प्रदेश के अनेको संग्रहण केन्द्रों में सड़े हुये धान का भंडारण दिख जायेगा। धान के खराब होने और सडने के नाम पर पूरे प्रदेश में सुनियोजित भ्रष्टाचार किया जा रहा है। पूरे प्रदेश में 25 लाख 93 हजार 880 क्विंटल धान की मिलिंग ही नहीं करवाई गई है, उक्त धान में से 4 लाख 16 हजार 410 क्विंटल धान विभिन्न खरीदी केंद्रों में शेष बताया गया है तथा शेष 21 लाख 77 हजार 470 क्विंटल धान राज्य सहकारी विपणन संघ के विभिन्न संग्रहण केंद्रों में शेष बताया जा रहा था, अब षडयंत्र पूर्वक धीरे धीरे नष्ट होना बता रहे। सरकार की लापरवाही के चलते बस्तर के विभिन्न धान संग्रहण केन्द्रों में 1 लाख क्विंटल से अधिक धान सड़ गया है। यह केवल लापरवाही या चूक नहीं बल्कि सत्ता के संरक्षण में किया जाने वाला अपराध है।


प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि बस्तर जिले के जगदलपुर विकासखंड के नियानार और बिरंगपाल धान संग्रहण केन्द्र में प्रशासन की लापरवाही साफ दिख रही है। धान सड़ चूका है जिसे उड़िसा से हमाल बुलाकर ठिकाना लगाया जा रहा है। पूरे प्रदेश में हजारो करोड़ का भ्रष्टाचार यह सरकार धान खरीदी में कर रही है। यह सिर्फ लापरवाही नहीं, यह भाजपा सरकार के निकम्मेपन, भ्रष्ट व्यवस्था और संवेदनहीन शासन की खुली मिसाल है। धान किसानों की मेहनत का फल है, लेकिन प्रदेश में भाजपा सरकार के लिए यह सिर्फ सड़ने वाला स्टॉक बनकर रह गया है। जब किसान खून-पसीना बहाकर धान उगाता है, जब गरीब जनता अनाज के लिए संघर्ष करती है, तब बस्तर के सरकारी गोदाम में रखा गया 1 लाख क्विंटल सड़कर बर्बाद हो जाता है, यह सरकार सोती रहती है।


प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि समर्थन मूल्य में उपार्जित धान की सुरक्षा और रखरखाव का उत्तरदायित्व राज्य सरकार का होता है, राज्य गठन के बाद से आज तक इतनी अव्यवस्था और बदइंतजामी कभी नहीं रही जो इस सरकार की दुर्भावना, उपेक्षा और भ्रष्टाचार से एक हजार 37 करोड़ 55 लाख का नुकसान एक ही साल की खरीदी में हो चुका है, रोज रोज नए नए मामले लगातार उजागर हो रहे हैं।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि हाल ही में कबीरधाम जिले में चारभाठा और बघर्रा संग्रहण केंद में 7 करोड़ के 26 हजार क्विंटल धान गायब होने का मामला सामने आया था। महासमुंद जिले में वर्ष 2014-25 में उपार्जित धान में से 81620 क्विंटल धान सुखत और नुकसान लिखकर खत्म कर दिया गया, अपने भ्रष्टाचार को छुपाने सुखती, पक्षी, दीमक से खराब होना बताया जा रहा है। जशपुर जिले में 6 करोड़ 55 लाख की अनियमितता उजागर हुयी है। रिकार्ड में 20586 क्विंटल धान गायब है। भाजपा की सरकार ने अपने भ्रष्टाचार को अंजाम देने के लिए ही दुर्भावना पूर्वक पूर्ववर्ती कांग्रेस के सरकार के द्वारा बनाये गये 72 घंटे के भीतर उठाव, शीघ्र परिवहन और मिलिंग के नियम को बदला है।


प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि पूरे प्रदेश में धान उपार्जन में हो रहे भ्रष्टाचार को छुपाने के लिए यह सरकार सोसाइटियों में चुनाव नहीं करा रही है और संघी भाजपायों को भारसाधक अधिकारी बना कर घोटालों को अंजाम दे रही है। पूरे भ्रष्टाचार में सरकार में बैठे लोगों की हिस्सेदारी है इसी लिए यह सरकार न एफ आई आर करवा रही है और न ही किसी से रिकवरी हो रही है। अब सरकार इसकी ज़िम्मेदारी लेगी या फिर से चूहे को कठघरे में खड़ा करेगी?

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