नामान्तरण हेतु रिश्वत मांगने वाले पटवारी को सजा

शाजापुर. न्यायालय विशेष न्यायाधीश  भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम शाजापुर मनोज कुमार शर्मा, द्वारा आरोपी दिनेश जायसवाल पटवारी हल्का नंबर 32 चॉदनगॉव टप्पा कानड. जिला आगर मालवा को दोषसिद्ध पाते हुए धारा 7 भ्र.नि.अ. 1988 के अंतर्गत 4 वर्ष के सश्रम कारावास और 10000/- रूपये के अर्थदण्ड से तथा धारा 13(1)डी, सहपठित धारा 13(2) भ्र.नि.अ. 1988 के अंतर्गत 4 वर्ष के सश्रम कारावास और 10000/- रूपये के अर्थदण्ड से दण्डित किया गया है। अर्थदण्ड की राशि आरोपी द्वारा जमा नहीं किये जाने पर पृथक से 6-6 माह का अतिरिक्त सश्रम कारावास भुगताया जावेगा।  जिला मीडिया प्रभारी सचिन रायकवार एडीपीओ शाजापुर ने बताया कि, आरोपी ने पटवारी हल्का नंबर-32 चॉदनगॉव टप्पा  कानड जिला आगर मालवा म0प्र0 में लोक सेवक के पद पटवारी पर पदस्थ रहते हुए आवेदक चंद्रभान सिंह तोमर से उसके द्वारा वर्ष 2014 में उदयसिंह व सुगनबाई से 52 आरे एवं नारायण सिंह से 60 आरे क्रय की गई कृषि भूमि उसके नाम से नामांतरण करने हेतु उससे 10000/- रूपये की मांग दिनांक 23/01/2017 से 5-6 दिन पूर्व की। दिनांक 23/01/2017 को लोकायुक्त उज्जैन द्वारा ट्रेप कार्यवाही के अंतर्गत संपादित डिजीटल वॉईस रिकॉर्डर कार्यवाही में आरोपी दिनेश जायसवाल ने आवेदक चंद्रभान सिंह द्वारा क्रय की गई कृषि भूमि आवेदक के नाम से नामातरंण करने हेतु 10000/- रूपये रिश्वत राशि की मांग की, और आवेदक के कम करने के निवेदन पर 8000/- रूपये रिश्वत लेने के लिये सहमत हुआ। दिनांक 24/01/2017 को दिन के लगभग 04:16 बजे से 05:30 बजे के मध्य संयम एस.आर. कंपनी का पेट्रोल पंप, दुपाडा रोड तिराहा कानड सारंगपुर मार्ग कानड जिला आगर में लोकायुक्त  पुलिस उज्जैन की ट्रेप कार्यवाही के दौरान आवेदक चंद्रभान सिंह से 8000/- रूपये रिश्वत राशि वैध पारिश्रमिक से भिन्न परितोषण के रूप में आरोपी दिनेश जायसवाल ने प्राप्त की जो आरोपी दिनेश जायसवाल के आधिपत्य से जप्त भी किये गये। विपुस्था लोकायुक्त उज्जैन की ओर से प्रकरण में विवेचक निरीक्षक बसंत श्रीवास्तव द्वारा चालान प्रस्तुत किये जाने पर अभियेाजन की ओर से गवाह कराये गये। प्रकरण के पैरवीकर्ता विशेष लोक अभियोजक सचिन रायकवार एडीपीओ शाजापुर ने प्रकरण में लिखित व मौखिक तर्क प्रस्तुत किये जिनसे सहमत होते हुए आरोपी दिनेश जायसवाल ने आवेदक चंद्रभान सिंह से 8000/- रू रिश्वत राशि अपने वैध पारिश्रमिक से भिन्न परितोषण के रूप में प्राप्त कर धन संबंधी अभिलाभ प्राप्त किया और स्वयं को लाभाविंत कर आपराधिक कदाचरण किया गया होने से न्यायालय द्वारा आरोपी को दण्डित किया गया। प्रकरण में विपुस्था लोकायुक्त उज्जैन की ओर से आरक्षक संदीप कदम ने सराहनीय योगदान दिया।

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