जलस्रोतों को जलकुंभी से मुक्त करने की योजना: नदी और तालाबों में मशीन से होगी सफाई, जलकुंभी से मुक्त होगा पानी

बिलासपुर. न्यायधानी की नदी और तालाबों समेत सभी जलस्रोतों से जलकुंभी की सफाई वीड हार्वेस्टिग मशीन से की जाएगी। शुक्रवार दोपहर यह मशीन अरपा छठघाट पहुंच गई है। शनिवार को मेयर रामशरण यादव मशीन की पूजा-अर्चना सफाई कार्य का शुभारंभ करेंगे।
शहर के तालाबों और नदी से जलकुंभी की सफाई करने के लिए नगर निगम प्रशासन से दिल्ली की कंपनी मेसर्स क्लीन टेक इंफ्रा को एक साल के लिए ठेका मिला है। कंपनी ने ठेका मिलने के बाद 4० फीट लंबी और 15 फीट चौड़ी एक्वा वीड हार्वेस्टर मशीन को पुणे से एक बड़े वाहन में शहर भेजा है। इस मशीन से पहले अरपा छठघाठ को जलकुंभी से मुक्त किया जाएगा। बता दें कि छठ पूजा के दौरान घाठ और तालाबों की सफाई के लिए निगम स्थानीय संसाधान की मदद हर साल लेता था, लेकिन अब मशीन किराए पर लेने के बाद निगम को स्थानीय संसाधन की मदद नहीं लेनी होगी। यहां यह बताना लाजिमी है कि शहर के जलस्रोतों में पनप रही जलकुंभी को साफ करने के लिए मेयर श्री यादव ने सुध ली थी। उन्होंने मशीन से जलस्रोतों को जलकुंभी से मुक्त कराने के लिए एमआईसी में मशीन किराए में लेने के लिए प्रस्ताव पास किया था।
ऐसे काम करती है मशीन
जलकुंभी साफ करने वाली मशीन बीड हार्वेस्टर बड़ी तेजी से काम करती है। पानी पर तैर कर जलकुंभी बटोरती है। उसे पीछे फेंक देती है। जिसे ट्रॉली में जमा कर लिया जाता है। फिर उसके बाद ट्रक के माध्यम से ट्रॉली को ग्राउंड भेज दिया जाता है। इसी प्रक्रिया के तहत मशीन काम करेगी। खास बात है कि यह मशीन 2 किमी प्रतिघंटे की रफ्तार 7 फीट चौड़ाई पर जलकुंभी निकालने का कार्य करती है।
3 माह छोड़कर 8 घंटे रोज चलेगी मशीन
नगर निगम के ईई अनुपम तिवारी के मुताबिक नगर निगम ने वर्षा ऋतु के 3 महीने को छोड़कर एक साल के लिए निगम क्षेत्र में मशीन को कार्य कराने के लिए अनुबंध किया है। मशीन द्बारा निकाले गए सभी जलकुंभी को निगम परिवहन कर कछार स्थित ठोस अपशिष्ट प्रबंधन प्लांट में ले जाएगा, जहां इसे प्रसंस्करण कर खाद में परिवर्तित किया जाएगा। यह मशीन रोजाना 8 घंटे तक जलकुंभी की सफाई करेगी।

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