कांग्रेस की पंजाब के नेताओं को चेतावनी, आंतरिक मुद्दों पर बर्दाश्त नहीं करेंगे बयानबाजी
नई दिल्ली. कांग्रेस नेतृत्व ने पार्टी की पंजाब इकाई में आंतरिक कलह के बीच आज राज्य के नेताओं को चेतावनी दी कि पार्टी के अंतरिक मुद्दों पर सार्वजनिक बयानबाजी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। पार्टी ने यह भी स्पष्ट किया कि प्रदेश कांग्रेस कमेटी के नेतृत्व में परिवर्तन का कोई सवाल नहीं है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के आवास ’10 राजाजी मार्ग’ पर हुई एक बैठक में खड़गे, पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल, वरिष्ठ नेता अंबिका सोनी, महासचिव एवं प्रदेश प्रभारी भूपेश बघेल, पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी, राज्य विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा, प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग तथा कुछ अन्य नेता शामिल हुए।
यह बैठक चन्नी का हाल में एक ऐसा वीडियो सामने आने के बाद हुई है, जिससे कांग्रेस की आंतरिक कलह खुलकर सामने आ गई थी। सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो में चन्नी को पार्टी में दलितों के प्रतिनिधित्व की मांग करते हुए सुना जा सकता है। चन्नी का कहना है कि उन्होंने किसी विशेष जाति या समुदाय के खिलाफ कोई बात नहीं की थी। बैठक के बाद वेणुगोपाल ने कहा कि कांग्रेस नेतृत्व ने आज बहुत स्पष्ट निर्देश दिया है कि आंतरिक मुद्दों पर मीडिया या सोशल मीडिया में कोई सार्वजनिक बयानबाजी नहीं की जाएगी, इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा…सभी ने सर्वसम्मति से नेतृत्व के फैसले पर सहमति जताई। पंजाब में नेतृत्व परिवर्तन की संभावना के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने दो टूक कहा कि नेतृत्व परिवर्तन का कोई सवाल ही नहीं है। चरणजीत सिंह चन्नी द्वारा उठाए गए मुद्दे के बारे में पूछे जाने पर, वेणुगोपाल का कहना था कि हम सभी समुदायों, विशेष रूप से एससी, एसटी, ओबीसी और सामान्य वर्ग के गरीब लोगों के प्रतिनिधित्व के लिए प्रतिबद्ध हैं।


