मोर मितान योजना का ग्रामीण मॉडल, ग्रामीणों को घर बैठे मिलेगा आय, जाति, निवास प्रमाण पत्र

बिलासपुर. आय, जाति एवं निवास प्रमाण पत्र जैसे जरूरी प्रमाण पत्र बनवाने के लिए ग्रामीणों को अब तहसील कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। राजस्व अमला मोर मितान योजना की तर्ज पर जरूरत मंद लोगों के घर – घर पहुंचकर प्रमाणपत्र बनाने के लिए जरूरी कागजात एवं आवेदन एकत्र करेगी। लोकसेवा केन्द्रों में ऑनलाइन दर्ज कराएगी। प्रमाण पत्र तैयार हो जाने पर स्थानीय जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में इसका वितरण गांव में ही किया जायेगा। ग्रामीणों के लिए एक बहुत बड़ी जरूरत के काम को सरल एवं सुविधाजनक तरीके से उपलब्ध कराने के लिए कलेक्टर श्री सौरभ कुमार ने एक विस्तृत कार्य – योजना तैयार की है। राजस्व अधिकारियों के साथ आज लम्बी बैठक लेकर सोमवार तक ग्रामवार दौरे का रोस्टर प्रस्तुत करने को कहा है। अभियान की शुरुआत 13 जुलाई से होगी।
कलेक्टर सौरभकुमार ने बैठक में कहा कि शिक्षा, नौकरी सहित कई सरकारी कामों के लिए आय, जाति एवं निवास प्रमाण पत्रों की दरकार होती है। बहुत से जरूरतमंद लोगों के प्रमाण पत्र विभिन्न कारणों से नहीं बन पाए हैं। यह अभियान उन लोगों के लिए बहुत ही उपयोगी साबित होगा। अभियान के अंतर्गत रोस्टर के अनुरूप पटवारी, ग्रामीण कृषि विकास अधिकारी, पंचायत सचिव, शिक्षक आदि गांव में घर -घर जाकर भेंट देंगे। मांग आने पर जरूरी कागजात एवं आवेदन संकलित कर ले जायेंगे। यदि किसी के पास जाति की पुष्टि के लिए किसी प्रकार का दस्तावेज उपलब्ध नहीं होगा तो विशेष ग्राम सभा आयोजित किया जाएगा। इसमें विचार कर अनुमोदन लिया जाएगा। हर हाल में सकारात्मक रूप से प्रमाण पत्र बांटने का काम किया जायेगा। यह एक प्रकार से मोर मितान योजना का ग्रामीण मॉडल होगा। कलेक्टर श्री कुमार ने टीम के ग्रामीण क्षेत्रों में दौरे के दिन का मुनादी के जरिए प्रचार -प्रसार करने को कहा है। बैठक में अपर कलेक्टर श्री कुरुवंशी सहित सभी राजस्व अनुविभाग के एस डी एम उपस्थित थे।

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