शिक्षा की मुख्य धारा से बच्चों को जोड़ने संस्कार शाला का शुभारंभ हुआ

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बिलासपुर. विश्वाधारम सेवा संस्था और अराइजर टेलेंट कोचिंग संस्थान कोटा के सहयोग से अक्षय तृतीया एवं परशुराम के जन्मोउत्सव के शुभ अवसर पर विश्वाधारंम संस्कार शाला का शुभारंभ ऑनलाइन वीडियो कॉन्सलिंग के माध्यम से रखा गया. विश्वाधारंम संस्था की ओर से जन समुदाय के हित के कार्य जारी हैं संस्था प्रमुख चंदकान्त साहू  ने अपनी सभी मुहिम से सभी को अवगत कराया कि इस वैश्विक महामारी में उनकी संस्था की ओर से रक्त दान ,सौम्य एक नई उड़ान, निःशुल्क न्याय से संबंधित मुहिम,जरूरतमंद की आवश्यकता की पूर्ति करना, निःशुल्क मुक्तांजली जरूरत मंद परिवार को निःशुल्क भोजन सेवा अनवरत रूप से जारी हैं. इसी सेवा को आगे बढ़ाते हुए निःशुल्क शिक्षा के लिए संस्कार शाला का शुभारंभ किया गया.

इस मुहिम में आल इंडिया के जरूरत मंद ,बच्चों को जोड़ा गया हैं ताकि बच्चों को पढ़ाई की मुख्य धारा से जोड़ कर रखा जाए,बच्चों की पढ़ाई आर्थिक रूप से बाधित न हो.  इस मुहिम में कई अनुभवी शिक्षक साथियों का भी साथ रहेगा जो कि विद्यार्थियों को निशुल्क शिक्षा ऑनलाइन प्रदान करँगे. अभी इसकी शरुआत कक्षा 6 से 12 वीं तक के विद्यार्थियों के लिए रखी गयी हैं ,स्कूली शिक्षा के साथ कैरियर गाइडेन्स की शिक्षा, अराइजर टेलेंट के अनुभवी फैकेल्टी ने 12 वीं के बाद विद्यार्थी, JEE, Neet, मैथ्स,बायो की आगामी तैयारी कैसे करें उसका डेमो भी विद्यार्थियों के समक्ष प्रस्तुत किया. विद्यार्थियों ने अपनी सभी समस्या अनुभवी कोटा के फैकेल्टी के समक्ष रखी सभी महानुभाव ने बच्चों की समस्याओं का समाधान किया. आराइजर टेलेंट कोचिंग स्कूल लेवल की पढ़ाई के साथ ही कैरियर बनाने में भी विद्यार्थियों की मदद केवल पीडीएफ के माध्यम से स्टडी नोट्स ही नही दे रहे साथ मे एग्जाम के एक दिन पहले का रिवीजन का माइंड मैप भी देते हैं. टेस्ट सीरीज, एग्जाम के पहले की माइंड मैप (रिवीजन हेतु )सभी को बहुत ही पसंद आयी.
इस ऑनलाइन मीटिंग में विश्वाधारंम संस्था के प्रमुख,चन्द्रकांत साहू, सौम्य रंजिता,त्रिवेणी साहू,मार्गदर्शक ज्योति सक्सेना के द्वारा आभार व्यक्त किया गया. कार्यक्रम का समापन सौम्य रंजिता की ओर से किया गया. कार्यक्रम को सफल बनाने में  शिक्षा जगत के कई अनुभवी शिक्षक साथी जिसमे प्रीति सक्सेना, पुष्पेंद्र कौशिक एवं विद्यार्थी जुड़े थे. बच्चों में बहुत उत्साह देखने को मिला. क्योंकि संस्कार शाला का उद्देश्य शिक्षा का प्रचार प्रसार गांव गाँव तक हर जरूरत मंद, प्रतिभा शाली बच्चों को उसके लक्ष्य तक  ले के जाना है, आत्मनिर्भर बनाना है.

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