देखें VIDEO : बिलासा एयरपोर्ट के रनवे पर टेस्टिंग फ़्लाइट का प्रथम आगमन
बिलासपुर/अनिश गंधर्व. लंबे संघर्ष के बाद बिलासपुर वासियों का सपना पूरा होने जा रहा है। मान्यता मिल जाने के बाद टेस्टिंग के लिए 72 सीटर विमान को बिलासा दाई केवटिंग हवाई अड्डे पर उतारा गया। इस दौरान शहर वासी व ग्रामीण जनों के अलावा मीडिया कर्मी हवाई पट्टी पर उपस्थित थे। चकरभाठा हवाई पट्टी से यात्री विमान चलाये जाने की मांग वर्षों से की जा रही थी। कई खामियों के कारण हवाई पट्टी को एयरपोर्ट की मान्यता नहीं मिल पा रही थी अभी भी खामियां है इसके बाद भी केन्द्रीय मंत्री ने चकरभाठा हवाई पट्टी को एयपोर्ट का दर्जा दे दिया है। अब यहां से दिल्ली दूर नहीं है इसके लिए निजी कंपनियों के 72 सीटर विमान चलाये जाएंगे। शहर वासियों ने हवाई सेवा के लिए लंबा संघर्ष किया है उनकी मांगों पर मुहर भी लग गई है।
आज पहली बार यहां 72 सीटर विमान को ट्रायल के लिए उतारा गया। 1 मार्च से रोजाना नियमित विमानों के चलाने जाने की योजना है। एयरपोर्ट के आसपास के इलाकों को विकसित करने का काम भी जोरो से चल रहा है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने नगर वासियों को बधाई भी दी है। बिलासपुर को बसाने वाली बिलासा केवटिंन के नाम से चकरभाठा एयपोर्ट का नामकरण भी किया गया है। जल्द ही शहर वासी दूर-दूर तक कुछ ही घंटों में लंबा सफर तय कर सकेंगे।
हवाई सेवा संघर्ष समिति के प्रमुख माने जाने वाले अधिवक्ता सुदीप श्रीवास्तव ने स्वीकार किया है कि लैडिंग के लिए हवाई पट्टी पूरी तरह से तैयार है। विमान उतरने के बाद उसके टायर और यात्रियों के सामानों को कैसे गंतव्य तक पहुंचाया जाये इस प्रक्रिया पर टीम के अधिकारी जायजा लेते रहे। बिलासपुर एयरपोर्ट का दायरा अभी 1500 मीटर है अंतर्राष्ट्रीय उड़ान के लिए 2500 मीटर तक दायरा बढ़ाया जाएगा। इसके लिये रक्षा मंत्रालय की खाली पड़ी जमीनों को लेकर मांग की जा रही है। 3सी एयरपोर्ट से सफल संचालन जब शुरू हो जाएगा इसके बाद 4सी के लिए आगे की प्रक्रिया पर काम किया जाएगा। वहीं बिलासपुर से जबलपुर, प्रयागराज, दिल्ली की उड़ान के बाद बैंगलोर, पुणे आदि क्षेत्रों के लिए भी मांग की जाएगी। बहरहाल 72 सीटर टेस्टिंग विमान के उतरने से संघर्ष करने वाले बिलासपुर वासियों में खुशी की लहर दौड़ गई है।