मानव सेवा सबसे बड़ी सेवा: संजय अग्रवाल


परिषद् द्वारा सकारात्मक चेतना का जागरण : डाॅ. पाठक

बिलासपुर. अखिल भारतीय विकलांग चेतना परिषद के 62 वें निः शुल्क विकलांग शल्य शिविर का शुभारंभ करते हुए कलेक्टर संजय अग्रवाल जी ने कहा-मानव सेवा सबसे बड़ी सेवा है।
उन्होंने आगे कहा-आज महंगी होती चिकित्सा के समय में नि:शुल्क शल्य शिविर का आयोजन वास्तव में आज की आवश्यकता है । समाज का व्यक्ति के जीवन के लिए बहुत बड़ा योगदान होता है अतः हमें भी समाज के प्रति सोचना चाहिए । शासन पर सभी कार्य के लिए निर्भर नहीं रहना चाहिए बल्कि शासन के सहयोग से समाज की सेवा के लिए कार्य करना चाहिए । समाज में दानदाताओं की कमी नहीं है इसीलिए बड़े-बड़े शिविर का आयोजन हो पाता है।
अध्यक्षीय उदबोधन में परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष डाॅ.विनय कुमार पाठक पूर्व अध्यक्ष छत्तीसगढ़ राज भाषा आयोग एवं कुलपति थावे विद्यापीठ गोपालगंज बिहार ने कहा कि विकलांग चेतना परिषद् द्वारा जहाँ नि : शुल्क चिकित्सा शिविर का आयोजन किया जाता है वहीं सामूहिक आदर्श विवाह का आयोजन तथा रोजगार हेतु सार्थक प्रयास किया जाता है। सकारात्मक चेतना जागृत करने के लिए विकलांग विमर्श के माध्यम से पूरे देश में साहित्यिक अभियान शुरू किया गया है । विकलांग विमर्श को विश्व विद्यालय के पाठ्यक्रम में शामिल किया गया है और अनेक शोध किये जा रहे हैं ।
इस अवसर पर न्यायमूर्ति श्री चन्द्रभूषण वाजपेयी ने कहा कि इतनी बड़ी संख्या में लोगों की उपस्थिति यही साबित करती है कि अर्थाभाव के कारण पीड़ित लोग कष्ट सहते रहते हैं। इस स्थिति में ऐसे चिकित्सकीय सेवा शिविर में आकर वे लाभान्वित होते हैं ।
अन्य अतिथियों ने भी अपने विचार व्यक्त किये।स्व.मांगीबाई स्व. उदयलाल अग्रवाल की पावन स्मृति में डॉ.राधेश्याम–गायत्री देवी अग्रवाल(नालोटिया परिवार) द्वारा आयोजित इस शिविर में जहां पचास से अधिक प्रतिभागियों का पंजीयन हुआ , वहीं शल्य क्रिया के परीक्षण व कार्य निष्पादन हेतु विशेषज्ञ चिकित्सकों में डॉ.गुरुचरण लाल अरोरा लखनऊ, डॉ. के. एस. वाजपेयी एवं डॉ.रोहित वाजपेयी (बलौदा बाजार),डॉ.हरिकृष्ण अग्रवाल,डॉ.गोपेन्द्र सिंह दीक्षित,डॉ. संतोष साहू, डॉ.विनोद पाण्डेय, डॉ. अजय पण्ड्या, डॉ. अनिल गुप्ता जी ने अपनी सेवाएं प्रदान की ।
इस आशय की जानकारी देते हुए परिषद के राष्ट्रीय महामंत्री मदन मोहन अग्रवाल,राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष राजेंद्र अग्रवाल ’राजू’ एवं संयोजक विकलांग शल्य शिविर पवन नालोटिया ने बताया कि कार्य–निष्पादन एवं प्रबंधन हेतु विद्या केड़िया, सुधा मारदा, बी . एल. गोयल,गोविंदराम मिरी, नित्यानंद अग्रवाल,राजेश पाण्डेय, बालगोविंद अग्रवाल,सहित प्रांतीय अध्यक्ष सत्येंद्र अग्रवाल,पवन लोहिया,संतोष अग्रवाल,राजेश अग्रवाल,पवन सुल्तानिया, रामावतार अग्रवाल,अमरलाल अग्रवाल,मुरारीलाल परमार, एस.वासुदेव राव आदि ने सक्रिय रूप से अपनी सेवाएं प्रदान कीं । इस अवसर पर डाॅ.विवेक तिवारी, डाॅ.राघवेन्द्र दुबे, डाॅ.अंकुर शुक्ला, राम निहोरा राजपूत,शीतल प्रसाद पाटनवार, शत्रुघन जैसवानी, अंजनी कुमार तिवारी सुधाकर, विष्णु कुमार तिवारी, रमेशचन्द्र श्रीवास्तव, मिथिलेश श्रीवास्तव आदि साहित्यकार उपस्थित थे ।
उल्लेखनीय है कि प्रातः 9 बजे से जिला अस्पताल में प्रारंभ इस शिविर में पोलियोग्रस्त, टेढ़े –मेढ़े पैरों और अन्य प्रकार की विकृतियों वाले पैरों को शल्य–क्रिया से उपचार करके ठीक किया गया ।ऐसे दिव्यांगजन जो घिसटकर चलते थे और अपने पैरों पर खड़े नहीं हो सकते थे तथा जिनकी आयु दो से लेकर 30 वर्ष है,उन्हें इस शिविर का लाभ प्राप्त हुआ । संगठन मंत्री डी. पी.गुप्ता ने बताया कि इस शिविर में विकलांग जनों के लिए भोजन, दवाएं,आदि की निःशुल्क व्यवस्था की गई । कार्यक्रम के अंत में आभार प्रदर्शन पूर्व सांसद गोविंदराम मिरि ने किया।

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