सीपत एनटीपीसी ने मजदूरों को काम से निकाला, कलेक्टर से शिकायत

बिलासपुर. सीपत एनटीपीसी प्रबंधन ने नवीनीकरण झांसा देकर पांच मजदूरों के गेटपास जमा करवा लिए। फिर सभी को जबरन काम से निकाल दिया है। इससे सभी मजदूर बेरोजगार हो चुके हैं। सोमवार को पीड़ित मजदूरों ने कलेक्टर डा. सारांश मित्तर से शिकायत की है और काम पर वापस लेने की मांग की है। ग्राम पंचायत दर्रा के रहनेवाले शत्रुहन खांडेकर, विनोद जांगड़े, दुलार प्रसाद अश्वनी भारद्वाज,गणेश राम शाह 10-12 सालों से लगाकार सीपत एनटीपीसी प्लांट के रसायन विभाग में ठेकेदार के अंदर काम करते आ रहे थे। 1 जनवरी 2022 को नया ठेका हुआ। एनटीपीसी रसायन विभाग में पदस्थ कर्मचारी कोंडा रेड्डी इंजीनियर और रंजीत मंडल सीनियर मैनेजर ने पांचों मजदूरों को प्रताड़ित करने लगे। बेवजह के जातिगत गालियां देते थे। परेशान होकर मजदूर राम लाल पटेल ने विरोध किया। उसका साथ देने अन्य साथियों ने भी दिया। कोंडा रेड्डी और रंजीत मंडल ने काम से निकालने की धमकी देने लगे। इस बीच इंजीनियर और मैनेजर ने नवीनीकरण का झांसा देकर पांचों मजदूरों के गेटपास को जमा करवा लिए। इसके बाद काम से बाहर निकाल दिया। काम से बाहर करने की वजह पूछने पर कोई जवाब नहीं दिया है। इससे सभी मजदूर बेरोजगार हो चुके हैं। इससे आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। मजदूरों ने कलेक्टर डा.सारांश मित्तर से मामले की जांच कर उचित कार्रवाई करते हुए सभी मजदूरों को वापस काम दिलवाने की मांग की है।
एसटीएसी थाने में की शिकायत 
पांचों मजदूरों का आरोप है कि सीपत एनटीपीसी के इंजीनियर और मैनेजर बेजह जातिगत गाली-गलौज करते थे। साथ ही जान से मारने की धमकी देते थे। मजदूरों के छूए सामान को इंजीनियर और मैनेजर हाथ लगाने से मना करते थे। उनके साथ छूआ-छूत का भाव रखते थे। पीड़ित मजदूरों ने इसकी शिकायत अनुसूचति जाति व अनुसूचित जनजाति थाना में शिकायत की है। दोषियों के खिलाफ अपराध दर्ज करने की मांग की है।

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