स्मार्ट सिटी बिलासपुर और गैर जिम्मेदाराना अधिकारी आखिर केवल दुकानदार पर ही अपराध क्यों अधिकारियों पर क्यों नहीं हो रही कार्यवाही कांग्रेस प्रवक्ता

बिलासपुर शहर को लगातार स्मार्ट सिटी के रूप में प्रोजेक्ट करने का कार्य हो रहा है केंद्र सरकार से स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत लंबा चौड़ा फंड आ रहा है जिसे अधिकारी अपने हिसाब से खर्च कर शहर को स्मार्ट करने का सपना हम सबको दिख रहे हैं । लेकिन कल बिलासपुर शहर के एक इलेक्ट्रॉनिक दुकान में घटी घटना ने यह सिद्ध कर दिया की बिलासपुर में प्रशासनिक और नगर निगम के अधिकारियों का रवैया क्या है एक दुकान जो चार मंजिला है यह भी लोगों को पता नहीं कि उसका नक्शा कितने मंजिल का पास है उसमें लिफ्ट लगाई जाती है और दुकानदार द्वारा नगर निगम से अनुमति नहीं ली जाती है ऐसा समाचार आज प्रकाशित होता है आखिर नगर निगम के अधिकारी जो छोटी-छोटी बातों पर छोटे-छोटे दुकानदारों के यहां पहुंचकर कार्रवाई करने की बात करते हैं बुलडोजर चलाने की बात होती है बड़ी-बड़ी दुकान तोड़ी जाती है तो एक लिफ्ट जो लग भी गया और चल भी रहा है दुर्घटना होती है तो यह बयान आता है कि नगर निगम से अनुमति नहीं थी यह कैसे संभव है कांग्रेस जिला प्रशासन से यह सवाल पूछता है कि क्या उस दुकानदार के साथ गैर जिम्मेदार नगर निगम के अधिकारी जिसकी जवाबदारी थी उसकी जांच होती रहनी चाहिए उसे पर कार्यवाही नहीं होना चाहिए। प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता अभय नारायण राय ने नगर निगम के साथ ही श्रम विभाग के कार्य प्रणाली पर भी प्रसिद्ध लगाते हुए पूछा कि हर दुकान में हर रेस्टोरेंट में हर बड़े उद्योग में यह बोर्ड बड़ी आसानी से लगाए दिख जाता है कि हमारे यहां कोई बाल श्रमिक नहीं है बाल श्रमिक रखना अपराध है फिर जो घटना हुई उसमे कार्य कर रहा जिसकी मृत्यु हुई वह नाबालिक था कैसे।आखिर ऐसे कानून का पालन करने वाले अधिकारी बिलासपुर में ही क्यों पनाह लेते हैं । मैं इस पत्र के माध्यम से जिला प्रशासन के बड़े अधिकारी जिलाधीश महोदय और नगर निगम के सबसे बड़े अधिकारी नगर निगम कमिश्नर से मांग करता हूं कि दुकानदार के साथ-साथ जो अधिकारी जवाबदारी हो जिसकी ड्यूटी जांच करने की थी नगर निगम से और श्रम विभाग उस पर कार्यवाही अवश्य होना चाहिए

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