कोरबा. एसईसीएल की रानी अटारी विजय वेस्ट भूमिगत खदान में रोड सेल व साईडिंग के ट्रकों के दिन-रात चलने से रानी-अटारी से कोरबी के मध्य 22 किलोमीटर की सडक़ काफी जर्जर हो चुकी है। बड़े-बड़े गड्ढों और उड़ते धूल के कारण पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है। क्षेत्र के जनपद सदस्य दीपक कुमार उदय
कोरबा-दीपका. दीपका थाना अंतर्गत एसईसीएल के बेलटिकरी बसाहट में देर शाम गोली चलने की घटना हो गई। प्रारंभिक तौर पर जानकारी के अनुसार यहां रहने वाले अजीत यादव पर विजय केरकेट्टा पिता एडमिन 28 वर्ष ने अपने रिवाल्वर से गोली चलाई। ये दोनों पड़ोसी बताए जा रहे हैं। पुलिस ने आरोपी विजय केरकेट्टा को गिरफ्तार
कोरबा. एसईसीएल की सुराकछार-बलगी के कोयला खदानों में डि-पिल्लरिंग के कारण सुराकछार बस्ती में हुए भू-धसान से प्रभावित किसान को हुए खेती-किसानी के नुकसान का उचित मुआवजा देने की मांग को लेकर मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के कोरबा जिला सचिव प्रशांत झा के नेतृत्व में किसानों के एक प्रतिनिधिमंडल ने कटघोरा एसडीएम को ज्ञापन सौंपा तथा
कोरबा. छत्तीसगढ़ किसान सभा और भूविस्थापित रोजगार एकता संघ ने संयुक्त रूप से एसईसीएल के सभी क्षेत्रों में भू विस्थापितों के लिए रोजगार और पुनर्वास एवं प्रभावित गांवों की मूलभूत समस्याओं का निराकरण करने की मांग पर तानसेन चौक से रैली निकालकर कलेक्ट्रेट कार्यालय पर प्रदर्शन किया तथा 20 सूत्रीय मांगपत्र सौंपकर आंदोलन को तेज
कुसमुंडा (कोरबा). छत्तीसगढ़ किसान सभा के नेतृत्व में कोरबा जिले में एसईसीएल की कोयला खनन परियोजनाओं से विस्थापन प्रभावित गांवों के बेरोजगारों को रोजगार देने की मांग को लेकर बेरोजगारों ने सीएमडी का मुखौटा चेहरे पर लगाकर कबीर चौक से रैली निकली तथा कुसमुंडा एसईसीएल मुख्यालय के सामने अर्धनग्न होकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी एसईसीएल और
बिलासपुर. एसईसीएल का घेराव किया गया। ज्ञात हो कि पिछले अड़तीस दिनों से चल रहे अनिश्चित कालीन हड़ताल में आज विशाल धरना प्रदर्शन किया गया ।अप्रेंटिस के छात्रों की पूर्व में रोजगार की मांग एवम कराए जनरल मजदुर की तरह कार्य लिया गया। एसईसीएल से जिसके फल स्वरूप विशाल धरना प्रदर्शन में जो भी नियम
बिलासपुर. कुसमुंडा में पिछले जमीन के बदले रोजगार की मांग कर रहे भूविस्थापितों के आंदोलन की आंच एसईसीएल के बिलासपुर मुख्यालय तक पहुंच चुकी है। कल उन्होंने बिलासपुर मुख्यालय पर पहुंचकर प्रदर्शन किया। इस दौरान दो घंटे तक मुख्यालय का गेट बंद रहने से आवाजाही बंद रही और काम काज प्रभावित हुआ। जमीन के बदले
कोरबा. छत्तीसगढ़ किसान सभा ने एसईसीएल कोरबा एरिया के अंतर्गत ढेलवाडीह खदान से खनन प्रभावित गांव कसरेंगा और ढपढप में टैंकरों के माध्यम से साफ पानी सप्लाई करने, नया बोरहोल खनन करने और दोनों गांवों के बिगड़े बोरहोल पम्पों को तत्काल सुधारने की मांग की मांग की है। इस संबंध में किसान सभा के एक
कोरबा. छत्तीसगढ़ किसान सभा के आंदोलन के बाद एसईसीएल को चंद्रिका बाई कंवर नामक की एक आदिवासी महिला को जनरल मजदूर प्रशिक्षु के पद पर नियुक्ति देने के लिए मजबूर होना पड़ा है। 6 माह के प्रशिक्षण के बाद उसे जनरल मजदूर कैटेगरी-1 के पद पर नियमित किया जाएगा। किसान सभा के अध्यक्ष जवाहर सिंह
कोरबा. एसईसीएल गेवरा महाप्रबंधक कार्यालय के सामने अनुकंपा नियुक्ति की मांग पर छत्तीसगढ़ किसान सभा के नेतृत्व में पीड़ित परिवारों का अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू हो गया है। इन परिवारों के समर्थन में किसान सभा के कार्यकर्ता भी भूख हड़ताल में शामिल हैं। उल्लेखनीय है कि पूरे एसईसीएल में अनुकंपा नियुक्ति के लगभग 400 प्रकरण
रायपुर. छत्तीसगढ़ किसान सभा ने आरोप लगाया है कि पूरे एसईसीएल में अनुकंपा नियुक्ति के लगभग 400 प्रकरण लंबित है और उन्हें नौकरी देने में जानबूझकर देरी की जा रही है। पीड़ितों में अधिकांश आदिवासी और महिलाएं हैं, जिनसे शीघ्र नौकरी देने के एवज में पैसों की मांग की जाती है। इसी तरह के एक
कोरबा. कोरबा जिले में एसईसीएल की कोयला खनन परियोजनाओं से विस्थापितों के लिए रोजगार की मांग इस क्षेत्र की एक प्रमुख मांग के रूप में उभर रही है, क्योंकि अपनी जमीन से हाथ धो चुके परिवार आजीविका के साधनों के अभाव में बेरोजगारी का दंश सहने पर मजबूर है। इन विस्थापित परिवारों से एसईसीएल ने
गेवरा (कोरबा). एसईसीएल के खिलाफ भूविस्थापितों के आंदोलन थमने का कोई आसार नजर नहीं आ रहा है। आज छत्तीसगढ़ किसान सभा ने गेवरा कार्यालय का घेराव किया और एक गेट पर ट्रेक्टर अड़ा दिया और दूसरे गेट पर प्रदर्शनकारी धरना देकर बैठ गए, जिससे कार्यालय में आवाजाही बंद होने से घंटों कामकाज भी बंद रहा।
कोरबा. छत्तीसगढ़ किसान सभा ने आज भूविस्थापितों की मांगों के सकारात्मक समाधान के लिए एसईसीएल के गेवरा क्षेत्र के महाप्रबंधक को ज्ञापन सौंपा तथा पुनर्वासित गांवों में बुनियादी मानवीय सुविधाएं उपलब्ध कराने और भूविस्थापितों को नियमित रोजगार देने की मांग की। आज यहां जारी एक बयान में छग किसान सभा के कोरबा जिला सचिव प्रशांत
कोरबा. कोरबा जिले में एसईसीएल की कोयला खनन परियोजनाओं से विस्थापितों के लिए रोजगार की मांग इस क्षेत्र की एक प्रमुख मांग के रूप में उभर रही है, क्योंकि अपनी जमीन से हाथ धो चुके परिवार आजीविका के साधनों के अभाव में बेरोजगारी का दंश सहने पर मजबूर है। इन विस्थापित परिवारों से एसईसीएल ने
कोरबा. एसईसीएल के बल्गी सुराकछार खदान के भूधसान से प्रभावित 26 किसानों के लिए 7 लाख 19 हजार 680 रुपये की फसल मुआवजा राशि एसईसीएल बिलासपुर से स्वीकृत होकर कोरबा मुख्यालय पहुंच चुकी है, जिसे अब अनुविभागीय अधिकारी कटघोरा के माध्यम से किसानों के बीच वितरित किया जाएगा। यह जानकारी माकपा के कोरबा जिला सचिव
कोरबा. एसईसीएल के गेवरा प्रबंधन द्वारा 11 सूत्रीय मांगपत्र पर सकारात्मक वार्ता के बाद माकपा और किसान सभा ने कल महाप्रबंधक कार्यालय के घेराव को स्थगित करने की घोषणा करते हुए गेंद प्रबंधन के पाले में डाल दी है। पार्टी ने कहा है कि यदि प्रबंधन 15 दिनों के अंदर वार्ता में बनी सहमति के
कोरबा. लंबित रोजगार प्रकरणों का निराकरण करने की मांग पर एसईसीएल के कुसमुंडा कार्यालय पर भूविस्थापित किसान धरना देकर बैठे हैं। माकपा और किसान सभा ने अब 11 नवंबर को विस्थापित और पुनर्वास ग्रामों में बसाहट की समस्या एवं भू विस्थापितों के रोजगार और मुआवजे के सवाल पर 11 सूत्रीय मांगों को लेकर गेवरा महाप्रबंधक
कोरबा. मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी ने एसईसीएल गेवरा क्षेत्र अंतर्गत आने वाले विस्थापित और पुनर्वास ग्रामों में बसाहट की समस्या एवं भू विस्थापितों के रोजगार और मुआवजे के सवाल पर 11 सूत्रीय मांगों पर आंदोलन करने की घोषणा करते हुए 11 नवंबर को गेवरा महाप्रबंधक कार्यालय का घेराव, 25 नवंबर को गेवरा खदान का उत्पादन बंद
बिलासपुर. केन्द्रीय कोयला मंत्री प्रहलाद जोशी आज एसईसीएल प्रवास पर चकरभाटा एयर पोर्ट पहुंचे। इस दौरान पत्रकारों से बातचीत करते हुए केन्द्रीय कोयला मंत्री श्री जोशी ने बताया कि आज से कोलइंडिया ने रोजाना 2 मिलियन टन की कोयला आपूर्ति शुरू कर दी है। पावर सेक्टर से प्रतिदिन 1.9 मिलियन टन डिमांड है। श्री जोशी