कोरबा. छत्तीसगढ़ किसान सभा ने खनन प्रभावित ग्राम बरभांठा और पंडरीपानी में तत्काल टैंकरों के माध्यम से पानी देने, नया बोरखनन कराने और गांव के मुख्य तालाब का गहरीकरण करके उसमें पानी भरने की मांग की है। इस संबंध में रक पत्र आज किसान सभा नेताओं ने एसईसीएल गेवरा महाप्रबंधक को सौंपा है और समस्या
बांकीमोंगरा (कोरबा). गर्मी शुरू होते ही इस क्षेत्र के खनन प्रभावित गांवों में भीषण जल संकट शुरू जो चुका है। भूमिगत खनन के कारण मड़वाढोढ़ा, पुरैना और बांकी बस्ती गांव में पेयजल संकट तो है ही, निस्तारी का भी संकट है और मवेशियों के लिए भी पानी की व्यवस्था नहीं हो पा रही है। मार्क्सवादी
कोरबा. खनन प्रभावित गांवों पुरैना, बांकी बस्ती व मड़वाढोढा में पाइप लाइनों के जरिये पेयजल आपूर्ति बहाल करने की दिशा में एसईसीएल ने 90 किलोवाट का सबमर्सिबल पंप लगाकर टेस्टिंग की है, जो सफल रहा। एसईसीएल सुराकछार के सबएरिया मैनेजर पी मावावाला की पहलकदमी पर हुई इस सफल टेस्टिंग के बाद जल्द ही दूसरा मोटर
कोरबा. मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी और छत्तीसगढ़ किसान सभा के प्रयासों से खनन प्रभावित बरकुट्टा गांव के विस्थापन से प्रभावित परिवारों की पांच महिलाओं को स्थायी नौकरी देने के लिए कल एसईसीएल ने आदेश जारी किया। नौकरी पाने वालों में चार आदिवासी महिलाएं हैं। एसईसीएल में मध्यप्रदेश की पुनर्वास नीति के तहत विवाहित महिलाओं को नौकरी
बिलासपुर. शहर में पानी की समस्या न हो इस लिए निगम क्षेत्र के सभी वार्डों में इन दिनों बोर खनन का कार्य कराया जा रहा है। इसी कड़ी में वार्ड नंबर 10 आवास मोहल्ला सिरगिट्टी में बोरवेल के खनन के बाद उसका बटन दबाकर महापौर रामशरण यादव एवं सभापति शेख नजीरुद्दीन तथा भरत कश्यप चेयरमैन