बिलासपुर. जनजातियां, भारतीय संस्कृति की ध्वजवाहक है। जनजातीय समुदाय के जननायकों ने ब्रिटिश शासन के अत्याचार के विरूद्ध संग्राम का बिगुल फुंका और अपने प्राणों को न्योछावर कर दिए। आज का दिन उन सभी नायकों को नमन करने का दिन है। यह उद्गार राज्यपाल सुश्री अनुसुईया उईके ने आज भगवान बिरसा मुण्डा की 146वीं जयंती
बिलासपुर. किसान पुत्र जननायक भूपेश बघेल मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ के दृढ़ संकल्प मजबूत इच्छा शक्ति का है परिणाम है “गौरेला पेण्ड्रा मरवाही” ज़िले का निर्माण हुआ। “सोचने से कहाँ मिलते है तमन्नाओं के शहर! चलने की जिद्द भी जरुरी है मंजिल पाने के लिए!! अंतत मंजिल मिल ही गई ज़िद्द जो थी वर्षों पुरानी मंगा ही
बिलासपुर. मैंने कुछ इस अंदाज में बधाई दी छत्तीसगढ़ के जननायक भूपेश बघेल को जब उनके खसमखास मित्र प्रदेश उपाध्यक्ष अटल श्रीवास्तव ने उन्हें बधाई देते हुए पूछा की भैय्या आप 59 के हुआ है या 60 के तो उन्होंने कहा 61 का जन्म है. हिसाब कर लो तत्काल बाद मेरे द्वारा बोला गए बधाई