बिलासपुर. हाईकोर्ट के मुख्य-न्यायाधीश जस्टिस श्री पी. आर. रामचंद्र मेनन ने कहा कि विधि का उल्लंघन करने वाले बच्चों के लिए रोटी, कपड़े ही नहीं बल्कि उनके व्यक्तित्व के विकास के लिए भावनात्मक सहारे की आवश्यकता है। हाईकोर्ट ऑडिटोरियम में सुबह विधि से संघर्षरत बच्चों को संप्रेक्षण एवं सुधार गृहों से अधिक बेहतर वातावरण देने