अंबिकापुर/धीरेन्द्र कुमार द्विवेदी. मौत के बाद अपनों के कंधों का सहारा मिले, यह हर व्यक्ति की अंतिम इच्छा होती है, लेकिन दुर्भाग्यपूर्ण की स्थिति ही होती है जब इंसान की मौत के बाद भी अंतिम यात्रा  में अपनों के कंधे नसीब न हों । ऐसे में पुलिस-प्रशासन , कोई सामाजिक संस्था या व्यक्ति ही उनका विधि-विधान