रायपुर. किसान विरोधी कानूनों की वापसी से उत्साहित संयुक्त किसान मोर्चा के देशव्यापी आह्वान पर आज पूरे प्रदेश में छत्तीसगढ़ किसान सभा, आदिवासी एकता महासभा, राजनांदगांव जिला किसान संघर्ष समिति और छत्तीसगढ़ किसान आंदोलन से जुड़े घटक संगठनों ने सड़कों पर उतरकर मोदी सरकार की कॉर्पोरेटपरस्त नीतियों के खिलाफ और सी-2 लागत का डेढ़ गुना
संयुक्त किसान मोर्चा और अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति के देशव्यापी आह्वान पर छत्तीसगढ़ किसान आंदोलन से जुड़े सभी घटक संगठन भी 26 जून को “कृषि बचाओ, लोकतंत्र बचाओ” दिवस मनाएंगे तथा किसान विरोधी तीनों काले कानूनों की वापसी की मांग को लेकर गांव-गांव में प्रदर्शन आयोजित करेंगे। इस दिन किसान आंदोलन राज्य सरकार
संयुक्त किसान मोर्चा और अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति के देशव्यापी आह्वान पर छत्तीसगढ़ किसान आंदोलन भी पूरे प्रदेश में 26 मई को काला दिवस मनाएगा। इस दिन किसान अपने घरों और वाहनों पर काले झंडे लगाकर किसान विरोधी तीनों कानून वापस लेने की मांग करेंगे और मोदी सरकार के कुशासन के सात साल
संयुक्त किसान मोर्चा और अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति के देशव्यापी आह्वान पर छत्तीसगढ़ किसान आंदोलन और इससे जुड़े घटक संगठन मोदी सरकार की कॉर्पोरेटपरस्त नीतियों के खिलाफ 26 मई को पूरे प्रदेश में काला दिवस मनाएंगे। और इस सरकार की मजदूर-किसान विरोधी नीतियों के खिलाफ अपनी आवाज़ बुलंद करेंगे। आज यहां जारी एक
अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति और संयुक्त किसान मोर्चा के देशव्यापी आह्वान पर छत्तीसगढ़ के किसानों और नागरिक-समूहों ने भी कल होली के अवसर पर कृषि विरोधी कानूनों का दहन किया और इन कानूनों के खिलाफ चल रहे देशव्यापी संघर्ष को और तेज करने की शपथ ली। छत्तीसगढ़ किसान आंदोलन के संयोजक सुदेश टीकम
अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति और संयुक्त किसान मोर्चा के देशव्यापी आह्वान पर पूरे प्रदेश के किसान और नागरिक-समूह कल होली में कृषि विरोधी कानूनों का दहन करेंगे और इन कानूनों के खिलाफ चल रहे देशव्यापी आंदोलन को तेज करने की शपथ लेंगे छत्तीसगढ़ किसान आंदोलन के संयोजक सुदेश टीकम और छत्तीसगढ़ किसान सभा
अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति और संयुक्त किसान मोर्चा सहित सैकड़ों किसान संगठनों के देशव्यापी आह्वान पर किसान विरोधी तीनों कानूनों और बिजली संशोधन कानून को वापस लेने, सी-2 लागत आधारित न्यूनतम समर्थन मूल्य को कानूनी दर्जा देने, पेट्रोल-डीजल-गैस की कीमतों को आधा करने और श्रम कानूनों को बहाल करने की मांग को लेकर
रायपुर. अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति और संयुक्त किसान मोर्चा के देशव्यापी आह्वान पर कल 6 फरवरी को छत्तीसगढ़ किसान सभा और आदिवासी एकता महासभा सहित छत्तीसगढ़ किसान आंदोलन से जुड़े घटक संगठन किसान विरोधी कानूनों को वापस लेने और सी-2 लागत का डेढ़ गुना न्यूनतम समर्थन मूल्य सुनिश्चित करने का कानून बनाने की
अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति और संयुक्त किसान मोर्चा के देशव्यापी आह्वान पर आज छत्तीसगढ़ किसान सभा और आदिवासी एकता महासभा द्वारा कोरबा, सूरजपुर व सरगुजा जिलों समेत प्रदेश में कई जगहों पर किसान गणतंत्र परेड आयोजित किये गए। ये परेड मोदी सरकार द्वारा बनाये गए चार कॉर्पोरेटपरस्त श्रम संहिता और तीन किसान विरोधी
अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति और संयुक्त किसान मोर्चा के देशव्यापी आह्वान पर छत्तीसगढ़ किसान आंदोलन से जुड़े घटक संगठन 23 जनवरी को ब्लॉक और जिला स्तर पर राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपेंगे और 26 जनवरी को दिल्ली में होने वाली किसान गणतंत्र परेड में शामिल होंगे। छत्तीसगढ़ किसान सभा ने दूसरे संगठनों के
रायपुर.अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति और संयुक्त किसान मोर्चा के देशव्यापी आह्वान पर छत्तीसगढ़ किसान सभा ने भी गांव-गांव में लोहड़ी और मकर संक्रांति के पर्व पर संकल्प सभाएं आयोजित की और किसान विरोधी काले कानूनों के प्रमुख पहलुओं को सामने रखा और कृषि कानूनों की प्रतियां व मोदी-अडानी-अंबानी के पुतले जलाए गए।किसान सभा
अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति और संयुक्त किसान मोर्चा के देशव्यापी आह्वान पर छत्तीसगढ़ में भी किसान आंदोलन के शहीदों के लिए सुबह से श्रद्धांजलि सभाओं का दौर जारी है और रात तक ये कार्यक्रम चलेंगे। छत्तीसगढ़ किसान सभा, आदिवासी एकता महासभा, राजनांदगांव जिला किसान संघ, हसदेव अरण्य बचाओ संघर्ष समिति सहित छत्तीसगढ़ किसान
अखिल भारतीय किसान सभा, आदिवासी अधिकार राष्ट्रीय मंच, खेत मजदूर यूनियन और केंद्रीय ट्रेड यूनियन सीटू के देशव्यापी आह्वान पर यहां छत्तीसगढ़ में भी राजनांदगांव, धमतरी, बिलासपुर, दुर्ग, कोरबा, सरगुजा, बलरामपुर, रायपुर, रायगढ़, चांपा-जांजगीर, सूरजपुर, मरवाही सहित कई जिलों के अनेकों गांवों, खेत-खलिहानों, मनरेगा स्थलों और उद्योगों में आज केंद्र में मोदी सरकार की मजदूर-किसान
मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के देशव्यापी आह्वान पर आज यहां छत्तीसगढ़ में भी राजनांदगांव, बस्तर, धमतरी, बिलासपुर, दुर्ग, कोरबा, सरगुजा, बलरामपुर, रायपुर, महासमुंद, रायगढ़, चांपा-जांजगीर, सूरजपुर, कोरिया, मरवाही, गरियाबंद जिलों के अनेकों गांवों और मजदूर बस्तियों में केंद्र में मोदी सरकार की मजदूर-किसान विरोधी नीतियों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन आयोजित किये गए और केंद्र और राज्य
वामपंथी पार्टियों के देशव्यापी आह्वान पर आज 15 अगस्त को छत्तीसगढ़ में भी तीन वामपंथी पार्टियों के कार्यकर्ता संविधान, देश के संघीय ढांचे, धर्मनिरपेक्षता और नागरिक अधिकारों की रक्षा तथा देश की एकता को बचाने के लिए संघर्ष को आगे बढ़ाने की शपथ लेंगे। मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के संजय पराते, भाकपा के आरडीसीपी राव, भाकपा
मजदूर-किसान संगठनों के देशव्यापी आह्वान पर आज यहां छत्तीसगढ़ में भी राजनांदगांव, बस्तर, धमतरी, बिलासपुर, दुर्ग, कोरबा, सरगुजा, बलरामपुर, रायपुर, महासमुंद, रायगढ़, चांपा-जांजगीर, सूरजपुर, कोरिया, मरवाही, गरियाबंद जिलों के अनेकों गांवों, मजदूर बस्तियों और उद्योगों में आज भी केंद्र में मोदी सरकार की मजदूर-किसान विरोधी नीतियों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन आयोजित किये गए और केंद्र