बिलासपुर. महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना का मुख्य उद्देश्य मजदूर परिवारों को गांव में ही रोजगार उपलब्ध कराना है। बिलासपुर जिले में योजना अंतर्गत पंजीकृत 226366 जॉब कार्ड धारी परिवार है। मांग आधारित ग्रामीण मजदूरों को रोजगार उपलब्ध कराने की मूल भावना के विपरीत जनपद में प्रशासनिक दबाव के चलते मस्टररोल निकाले जाने
बिलासपुर. जिले में आजादी का अमृत महोत्सव के अतर्गत महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम के लाभार्थियों को उनके अधिकारो के बारे में जानकारी देकर सशक्त किया जाएगा। महात्मा गांधी नरेगा में ग्रामीणों के पंजीकरण की प्रक्रिया क्या है. योजना का लाभ कैसे उठाया जा सकता है, किस प्रकार के काम करने होंगे, प्रतिदिन
बिलासपुर. महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना अंतर्गत केन्द्र सरकार द्वारा बिलासपुर जिले हेतु अनुमोदित 52.23 लाख मानव दिवस के विरूद्ध जिले ने प्रथम त्रैमास में 11 जुलाई 2021 तक 31.37 लाख मानव दिवस का सृजन किया जो कि कुल वार्षिक लक्ष्य के विरूद्ध 57 प्रतिशत है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में छत्तीसगढ़
बिलासपुर. मनरेगा (महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम) कार्मिक की सेवा काल के दौरान मृत्यु होने पर उनके आश्रितों को एक लाख रूपए का अनुकम्पा अनुदान प्रदान किया जाएगा। राज्य मनरेगा कार्यालय ने इस संबंध में सभी कलेक्टरों-सह-जिला कार्यक्रम समन्वयकों (मनरेगा) को संशोधित परिपत्र जारी किया है। पूर्व में जारी परिपत्र में अनुकम्पा अनुदान
बिलासपुर. महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम मनरेगा के अंतर्गत जरूरत मंदों केा रोजगार देने में बिलासपुर जिले का राज्य में अव्वल स्थान है। जिले में चालू वित्तीय वर्ष में 15 मार्च 2021 तक लक्ष्य के विरूद्ध 133 फीसदी अधिक मानव दिवस रोजगार सृजित किए गए। मनरेगा के तहत् जिले में इस वर्ष 62
धमतरी. महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2020-21 में अब तक 68 लाख से अधिक मानव दिवस सृजित किए गए हैं। योजना शुरू होने से अब तक की यह सबसे बड़ी उपलब्धि है। गौरतलब है कि जिले में वित्तीय वर्ष 2020-21 में 85 लाख मानव दिवस सृजित करने के लक्ष्य
रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत कार्यरत गर्भवती महिला श्रमिकों को मातृत्व भत्ता प्रदान किया जा रहा है। अब तक प्रदेश की 42 हजार 867 श्रमिक महिलाओं को इसका लाभ दिया जा चुका है। वित्तीय वर्ष 2019-20 में 632 महिलाओं को 33.18 लाख रूपये और वित्तीय वर्ष 2020-21
रायपुर। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारण्टी योजना से गांवों में लगातार सकारात्मक बदलाव आ रहा है। योजना से लोगों को न सिर्फ काम मिला है बल्कि उनके लिए आर्थिक विकास के कई रास्ते खुलने लगे हैं। इसकी एक बानगी कांकेर जिले के भानुप्रतापपुर विकासखण्ड के ग्राम पंचायत बॉसकुण्ड के आश्रित ग्राम बनौली में दिखाई
काजू के पेड़ों से पंचायत को हर वर्ष 20 हजार की आमदनी, अतिक्रमण से बची जमीन, गांव में आई हरियाली रायपुर। मनरेगा (महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना) से गांवों में लगातार सकारात्मक बदलाव आ रहे हैं। आजीविका के साधनों को मजबूत करने के साथ ही प्राकृतिक संसाधनों को सहेजने का काम भी इसके
बलरामपुर.महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजनान्तर्गत आवर्ती चराई क्षेत्र विकास योजनान्तर्गत स्वीकृत किये गये गोठान, डबरी एवं कूप निर्माण तथा वृक्षारोपण हेतु वन एवं उद्यान विभाग द्वारा तैयार किये गये पौधों की प्रजातिवार जानकारी कलेक्टर श्री संजीव कुमार झा ने ली एवं समय-सीमा के भीतर निर्माण कार्यों को पूर्ण करने तथा वृहद वृक्षारोपण हेतु
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही. कलेक्टर श्रीमती शिखा राजपूत तिवारी ने गौरेला विकासखण्ड के ग्राम लमना, बगरा एवं पुटा सहित विभिन्न ग्रामों का भ्रमण कर महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना अंतर्गत संचालित निर्माण कार्यों का अवलोकन सहित अन्य विकास कार्यों का जायजा लिया। कलेक्टर ने ग्राम लमना में वन विभाग द्वारा नर्सरी एवं गौठान निर्माण तथा पंचायत