रायपुर. कांग्रेस ने भाजपा को रोजगार विरोधी बताया है।छत्तीसगढ़ में भारतीय जनता पार्टी राज्य लोकसेवा आयोग की परीक्षाओं का विरोध कर रही है केंद्र में भाजपा की मोदी सरकार ने नए पदों की भर्ती पर प्रतिबंध लगा दिया है।प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता सुशील आनंद शुक्ला ने कहा की पूरे देश मे भाजपा युवाओं के रोजगार
बिलासपुर. कहा जाता है कि जहां चाह है वहां राह है। कुछ महीनों तक रोजगार के अभाव में आर्थिक तंगी से जूझ रही ग्राम परसदा की महिलाओं पर यह कहावत सही साबित होती है। राज्य शासन की जनकल्याणकारी नीतियों के चलते अब उन्हें आत्मनिर्भरता की नयी राह मिल गयी है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की मंशा
बिलासपुर. युवा कांग्रेस के 60 वें स्थापना दिवस के अवसर पर पूरे देश में रोजगार दो अभियान के माध्यम से सोई हुई मोदी सरकार को जगाने का प्रयास किया जा रहा है। इसी तारतम्य में छत्तीसगढ़ में भी अलग-अलग जिलों में कार्यक्रम आयोजित किए गए । बिलासपुर जिला युवा कांग्रेस द्वारा स्थानीय कांग्रेस भवन में
बिलासपुर. कलेक्टर डाॅ.सारांश मित्तर के निर्देश पर प्रवासी श्रमिकों को रोजगार से जोड़ने के लिये आज जनपद पंचायत मस्तूरी में रोजगार कैम्प का आयोजन किया गया। जिसमें मस्तूरी एवं आसपास के ग्रामों कर्रा, टिकारी, भदौरा, पेण्ड्री, लिमतरा और मुड़पार के लगभग 38 प्रवासी श्रमिकों ने हिस्सा लिया, जिनमें से 13 श्रमिकों का चयन विभिन्न उद्योगों
बिलासपुर. कोविड-19 में लाॅकडाउन के कारण अन्य राज्य से लौटे प्रवासी श्रमिको को विभिन्न रोजगार से जोड़ने हेतु कलेक्टर डाॅ. सारांश मित्तर के निर्देश पर विकासखण्डों में कैंप लगाये जा रहे हैं। इसी कड़ी में जनपद पंचायत कार्यालय कोटा के सभा कक्ष में रोजगार कैम्प का आयोजन किया गया। जिसमंे निजी प्रतिष्ठानों से मुखी फ्लाई
बिलासपुर. कोविड-19 के कारण लाॅकडाउन के दौरान अन्य राज्यों एवं जिलों से आये प्रवासी श्रमिकों को रोजगार देने के लिये राज्य सरकार द्वारा अभिनव प्रयास किया जा रहा है। जिसके तहत विकासखंड बिल्हा के लाईवलीहुड काॅलेज में रोजगार कैम्प का आयोजन किया गया। कलेक्टर डाॅ.सारांश मित्तर के मार्गदर्शन में आयोजित इस कैम्प में स्थानीय स्थानीय
बिलासपुर. लॉकडाउन के पहले तक बिलासपुर शहर में कोचिंग सेंटर चलाकर युवाओं को रोजगार की राह दिखाने वाले लोगों को आज अपना गुजर-बसर चलाने के लिए सब्जी बेचने जैसा काम करने पर विवश होना पड़ रहा है। लेकिन यह सब्जी बेच नहीं रहे वरन बिलासपुर के बस स्टैंड में सब्जी बेच कर विरोध प्रदर्शन कर
रायपुर. आपदा राहत की दिशा में राज्यों में वापस लौटे प्रवासी मजदूरों को रोजगार उपलब्ध कराने केंद्र सरकार द्वारा आरंभ किए गए गरीब कल्याण रोजगार योजना में छत्तीसगढ़ को शामिल नहीं किए जाने पर आपत्ति दर्ज करते हुए छत्तीसगढ़ के चार कांग्रेस सांसदों ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखा है और मांग की है कि यथाशीघ्र
बलरामपुर/धीरेन्द्र कुमार द्विवेदी. शिक्षित बेरोजगार युवक एवं युवतियां जो स्वयं का रोजगार स्थापित करना चाहते हैं, उनके लिये प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम योजना के अंतर्गत जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र बलरामपुर में आॅनलाईन आवेदन आमंत्रित किया जा रहा है। इस योजना के तहत उद्योग स्थापना हेतु 25 लाख और सेवा व्यवसाय के लिए 10 लाख
रायपुर. बड़ी संख्या में मजदूरों के वापस आने से यह बात साबित हो गयी कि पंद्रह वर्षो में भाजपा की पूर्ववर्ती रमन सरकार राज्य में पलायन रोकने और रोजगार देने में नाकामयाब साबित हुई थी । प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता और संचार विभाग के सदस्य सुशील आनंद शुक्ला ने कहा की विपक्ष में रहते हुए कांग्रेस
पिछले 2 महीने से पूरा देश कोरोना महामारी की चुनौती और लॉकडाउन के चलते रोजी – रोटी -रोजगार के गंभीर आर्थिक संकट से गुजर रहा है देश की आजादी के बाद पहली बार दर्द का वो मंजर सबने देखा कि लाखों मजदूर नंगे पांव, भूखे-प्यासे, बगैर दवाई और साधन के सैकडों-हजारों किलोमीटर पैदल चल कर घर वापस जाने को मजबूर हो गए। उनका दर्द, उनकी पीड़ा, उनकी सिसकी देश में हर दिल ने सुनी, पर शायद सरकार ने नहीं। करोड़ों रोजगार चले गए, लाखों धंधे चौपट हो गए, कारखानें बंद हो गए, किसान को फसल बेचने के लिए दर-दर की ठोकरें खानी पड़ीं। यह पीड़ा पूरे देश ने झेली, पर शायद सरकार को इसका अंदाजा ही नहीं हुआ। पहले दिन से ही, मेरे सभी कांग्रेस के सब साथियों ने, अर्थ-शास्त्रियों ने, समाज-शास्त्रियों ने और समाज के अग्रणी हर व्यक्ति ने बार-बार सरकार को यह कहा कि ये वक्त आगे बढ़ कर घाव पर मरहम लगाने का है, मजदूर हो या किसान, उद्योग हो या छोटा दुकानदर, सरकार द्वारा सबकी मदद करने का है। न जाने क्यों केंद्र सरकार यह बात समझने और लागू करने से लगातार इंकार कर रही है। इसलिए, कांग्रेस के साथियों ने फैसला लिया है कि भारत की आवाज बुलंद करने का यह सामाजिक अभियान चलाना है। हमारा केंद्र सरकार से फिर आग्रह है कि खज़ाने का ताला खोलिए और ज़रूरत मंदों को राहत दीजिये। हर परिवार को छः महीने के लिए 7,500 रू़ प्रतिमाह सीधे कैश भुगतान करें और उसमें से 10,000 रू़ फौरन दें। मज़दूरों को सुरक्षित और मुफ्त यात्रा का इंतजाम कर घर पहुंचाईये और उनके लिए रोजी रोटी का इंतजाम भी करें और राशन का इंतजाम भी करें। महात्मा गाँधी मनरेगा में 200 दिन का काम सुनिश्चित करें जिससें गांव में ही रोज़गार मिल सके। छोटे और लघु उद्योगों को लोन देने की बजाय आर्थिक मदद दीजिये, ताकि करोड़ों नौकरियां भी बचें और देश की तरक्की भी हो। आज इसी कड़ी में देशभर से कांग्रेस समर्थक, कांग्रेस नेता, कार्यकर्ता, पदाधिकारी सोशल मीडिया के माघ्यम से एक बार फिर सरकार के सामने यह मांगें दोहरा रहे है । मेरा आपसे निवेदन है कि आप भी इस मुहिम में जुड़िए, अपनी परेशानी साझा कीजिए ताकि हम आपकी आवाज को और बुलंद कर सकें। कट की इस घड़ी में हम सब हर देशवासी के साथ हैं और मिलकर इन मुश्किल हालातों पर अवश्य जीत हासिल करेंगे।
नई दिल्ली. कोरोना वायरस (Coronavirus) की वजह से सरकार का फोकस अब गांवों में ही रोजगार दे देने का है. केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर (Narendra Singh Tomar) ने मंत्रालय को आदेश दिया है 1 लाख से अधिक गांवों में ऑर्गेनिक फसल उगाने को लेकर जागरूकता मिशन मोड में अभियान चलाया जाए. इन गांवों में मिट्टी
बलरामपुर. कोरोना वायरस (कोविड-19) के बढ़ते संक्रमण के कारण देश में सम्पूर्ण लॉकडाउन लगाया गया है। जिससे रोजगार की तलाश में निकले श्रमिकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अन्य प्रदेशों के श्रमिकों या अन्य व्यक्ति जो छत्तीसगढ़ में किन्हीं कारणों से फंसे हुए हैं और वे अपना प्रदेश मूल निवास जाना