बिलासपुर. गोधन न्याय योजना से जुड़कर वर्मी कम्पोस्ट खाद बना रही ग्राम जुहली के महिलाओं के लिए यह कार्य आर्थिक रूप से लाभदायक साबित हुआ है। इनके द्वारा बनाये जा रहे वर्मी खाद की बहुत डिमांड है और खाद की बिक्री हाथों-हाथ हो रही है। किसानों के साथ-साथ वन विभाग, कृषि और उद्यानिकी विभाग भी
बिलासपुर. कलेक्टर डाॅ. सारांश मित्तर ने समय सीमा की बैठक में वर्मी कम्पोस्ट खाद की आकर्षक पैकेजिंग कर मार्केटिंग के निर्देश अधिकारियों को दिए। उन्होंने कहा कि वर्मी कम्पोस्ट खाद बनाने के साथ-साथ वर्मी का उत्पादन भी स्वयं करने हेतु स्व सहायता समूहों को पर्याप्त प्रशिक्षण दिया जाये। कलेक्टर ने डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन करने वाले
सहकारी समिति के माध्यम से क्रय कर सकते है वर्मी कम्पोस्ट खाद मुंगेली। राज्य शासन की महत्वाकांक्षी योजना गोधन न्याय योजना के तहत गोठानों के माध्यम से निर्धारित दर पर गोबर की खरीद कर महिला स्व सहायता समूहों द्वारा वर्मी कम्पोस्ट खाद तैयार किया जा रहा है। कलेक्टर पी.एस.एल्मा के कुशलमार्ग दर्शन में गोठानों में उत्पादित
बिलासपुर. गोधन न्याय योजना के तहत गौ पालकों से गोबर खरीदकर गौठानों में वर्मी कम्पोस्ट खाद तैयार किये जा रहे है। गौ पालकों ने 1 अगस्त तक गौठान समितियों में जितना गोबर बेचा था उसका पहला भुगतान 5 अगस्त को कर दिया गया था। इसी तरह 2 अगस्त से 15 अगस्त तक खरीदे गये गोबर
बिलासपुर . ग्रामीण क्षेत्रों में नरवा, गरवा, घुरूवा, बारी योजना के तहत बनाये गये गौठानों में महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा उत्पादित वर्मी कम्पोस्ट खाद की डिमांड दिनोंदिन बढ़ रही है। वन एवं उद्यानिकी विभाग की नर्सरियों में इसका उपयोग हो रहा है साथ ही किसान भी अपने खेतों में वर्मी खाद का उपयोग कर रहे