दिल्ली में कोरोना (Coronavirus) के अचानक बढ़े मामलों ने सरकार की चिंता बढ़ा दी है. हालात फिर से खराब न हो जाएं, इसे देखते हुए सरकार अपनी मेडिकल सुविधाओं को मजबूत करने के साथ ही लोगों को कोरोना प्रोटोकॉल का लगातार पालन करने का भी आग्रह कर रही है. कोरोना के केस बढ़ने के पीछे
नई दिल्ली. दिल्ली-एनसीआर (Delhi-NCR) में बढ़े प्रदूषण ने केंद्र और दिल्ली सरकार की नींद हराम कर दी है. इसे कंट्रोल करने के लिए लगातार कदम उठाए दा रहे हैं. भारत सरकार ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र और आसपास के क्षेत्रों के लिए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) का गठन किया है. आयोग ने प्रदूषण को लेकर खास
नई दिल्ली. दिल्ली में वायु प्रदूषण (Air Pollution in Delhi) की स्थिति को लेकर मामूली सुधार हुआ है. इस बीच दिल्ली की आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार आज सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court ) में अपना प्रस्ताव सौंपेगी. जिसमें लॉकडाउन (Lockdown ) और उसके तौर-तरीकों को लेकर जानकारी साझा की जाएगी. सर्वोच्च अदालत द्वारा केंद्र और दिल्ली सरकार
नई दिल्ली. दिल्ली सरकार द्वारा पटाखों पर बैन लगाने के बावजूद लोग नहीं माने और जमकर आतिशबाजी की. इसका परिणाम ये हुआ कि आज दिल्ली-NCR की हवा की गुणवत्ता गंभीर स्थिति में पहुंच गई है. गुरुवार को दिल्ली और उसके आसपास के इलाकों का आसमान धुएं के गुबार से ढंक गया. शहर का वायु गुणवत्ता
नई दिल्ली. दिल्ली (Delhi) में प्रदूषण (Air Pollution) पर लगाम लगाने के लिए अगले साल 1 जनवरी तक पटाखे (Crackers) बेचने और फोड़ने पर पूरी तरह बैन लगा दिया गया है. इस बैन का आदेश मंगलवार को दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (DPCC) ने जारी किया. 1 जनवरी तक पटाखे फोड़ने पर बैन DPCC ने आदेश में
वायु प्रदूषण के बढ़ते स्तर के कारण बुजुर्गों में सांस लेने में तकलीफ सहित कई समस्याएं बढ़ रही हैं। वायु प्रदूषण भारत में मौत का तीसरा सबसे बड़ा कारण माना जा रहा है। इस लेख में हम आपको वायु प्रदूषण का बुजुर्गों की सेहत पर पड़ने वाले प्रभाव के बारे में बताएंगे। भारत सहित पूरी
सर्दियों में हवा की गुणवत्ता खराब हो जाती है। इस दौरान दूषित हवा में सांस लेने से फेफड़ों से जुड़ी कई बीमारियां होने लगती हैं । लेकिन हर्बल चाय का सेवन करने से फेफड़े साफ रहते हैं। इस लेख में हम आपको वायु प्रदूषण से बचने के लिए हर्बल चाय के फायदे के बारे में
नई दिल्ली. लगातार बढ़ रहा वायु प्रदूषण (Air Pollution) भारत (India) के लिए ही जानलेवा बनता जा रहा है. एक वैश्विक रिपोर्ट के मुताबिक पिछले साल प्रदूषण से भारत में 16 लाख से ज्यादा लोगों की मौत हुई. मरने वालों में बड़ी संख्या नवजात बच्चों की रही. इनमें से अधिकतर बच्चे 1 महीने की उम्र के थे. धूल
नई दिल्ली. दिल्ली-एनसीआर में बढ़ते प्रदूषण को लेकर आज सुप्रीम कोर्ट ने सख्त टिप्पणी करते हुए केंद्र सरकार से कहा, ‘दिल्ली रहने लायक नहीं रह गई, नरक से भी बदतर हो गयी है.’ सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से कहा दिल्ली वालों को घुट-घुट कर मरने से अच्छा है कि 15 बैग विस्फोटक लाकर सबको एक