एक नारी जहां बेटी का जन्म लेकर पूर्ण महिला होने तक का सफर तय करती है वह आज भी अपने जीवन मे अपनी ही एक पहचान को तरसती है नारी को आज भी अपने असली अस्तित्व की खोज है.  बेटी बन पिता की इज्जत, पति का गौरव ,,बच्चे की मां,,दोनो घरो की लक्ष्मी ,कुल की