नई दिल्ली. कोरोना वायरस महामारी के खिलाफ वैक्सीन को सबसे बड़ा हथियार माना जा रहा है और देश में 18 साल से ज्यादा उम्र के लोगों को टीका लगाया जा रहा है. इस बीच खबर है कि जाइडस कैडिला (Zydus Cadila) की वैक्सीन Zycov-d को आपातकालीन इस्तेमाल की मंजूरी मिलने में कुछ दिन और लगेंगे.
लंदन. फाइजर और एस्ट्रोजेनेका के कोविड रोधी टीके की एकल खुराक 65 साल और इससे अधिक उम्र के लोगों को सार्स-कोव-2 संक्रमण के खिलाफ लगभग 60 प्रतिशत सुरक्षा उपलब्ध कराती है. ब्रिटेन के यूनिवर्सिटी कॉलेज लंदन के अनुसंधानकार्तओं द्वारा किए गए अध्ययन की रिपोर्ट पत्रिका ‘लैंसेट इन्फेक्शस डिजीज’ में प्रकाशित हुई है. 65+ उम्र के लोगों
नई दिल्ली. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने शनिवार को कहा कि देश में अब तक 56 लाख से अधिक लोगों को कोरोना वैक्सीन (Corona Vaccine) लगाई जा चुकी है. टीकाकरण के बाद कोई भी गंभीर साइड इफेक्ट (Corona Side Effect) का मामला सामने नहीं आया है. स्वास्थ्य मंत्रालय में अवर सचिव मनोहर अगनानी ने कहा कि
नई दिल्ली. हैदराबाद की भारत बायोटेक कंपनी (Bharat Biotech) ने कोविड-19 के टीके (covid-19 vaccine) को भारत के औषधि नियामक द्वारा आपात इस्तेमाल की मंजूरी दिए जाने की आलोचनाओं को सोमवार को खारिज कर दिया और कहा कि इसका सुरक्षित एवं प्रभावी टीका उत्पादन का रिकॉर्ड रहा है और इसके सभी डाटा पारदर्शी हैं. कोवैक्सीन
कोरोना वायरस एक ऐसी बीमारी है जो हर उम्र और लिंग के लोगों को समान रूप से प्रभावित करती है। फिर भी इसकी तीव्रता कई कारकों जैसे कि प्रतिरोधक क्षमता और आपके लिंग वगैरह पर भी निर्भर करती है । पिछले कुछ महीनों में किये गये बहुत सारे अध्ययन में यह देखा गया है कि
माॅस्को. रूस (Russia) की राजधानी माॅस्को (Moscow) में कोरोना वायरस (Coronavirus) से बचाव के लिए वैक्सीनेशन (Vaccination) की प्रक्रिया शुरू हो गई है. फिलहाल कोरोना वैक्सीन (Corona vaccine) उन्हें दी जा रही है जिनके संक्रमित होने का खतरा सबसे ज्यादा है. रूस स्वदेशी वैक्सीन (Vaccine) स्पूतनिक वी (Sputnik V) का इस्तेमाल कर रहा है. इस पहले
नई दिल्ली. पिछले 9 महीने से कोरोना वायरस (Coronavirus) के खिलाफ जारी जंग के बाद अब लोगों को बेसब्री से वैक्सीन (Corona Vaccine) का इंतजार है. लेकिन इसके लिए आम लोगों को शायद 2022 तक इंतजार करना पड़ सकता है. ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (AIIMS) के निदेशक डॉ. रणदीप गुलेरिया (Randeep Guleria) के अनुसार,
नई दिल्ली. कोरोना वायरस (Coronavirus) के बढ़ते मामलों के बीच अच्छी खबर आई है. भारत कोरोना वायरस वैक्सीन (Coronavirus vaccine) बनाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है. सरकारी वैज्ञानिकों के मुताबिक फरवरी 2021 में देश को ‘कोवैक्सीन’ (Covaxin) मिल सकती है. यह वैक्सीन पूरी तरह से स्वदेशी होगी. भारत की इस तेजी को दुनिया
ताइपे. दुनियाभर के लिए मुसीबत बने कोरोना वायरस (Coronavirus) के खिलाफ जंग में अब चीन भी आगे आ गया है और चीन ने शुक्रवार को बताया कि वह कोविड-19 के टीके संबंधी गठबंधन ‘कोवैक्स’ में शामिल हो गया है. चीन में कोरोना वायरस के टीके के तीन उम्मीदवार क्लीनिकल परीक्षण के तीसरे चरण में है. चीन
नई दिल्ली. दुनिया भर के लोग इस वक्त कोरोना की मार झेल रहे हैं. भारत में भी इस महामारी का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है. देश में अब तक 60 लाख से ज्यादा लोग कोरोना संक्रमण के शिकार हो चुके हैं जबकि 95 हजार से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है. देश के
वॉशिंगटन. राष्ट्रपति पद की दौड़ में पिछड़ते नजर आ रहे डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) जीतने के लिए सबकुछ करने को तैयार हैं. उनकी तरफ से पूरी कोशिश की जा रही है कि कोरोना वैक्सीन (Coronavirus Vaccine) चुनाव से पहले तैयार हो जाए, ताकि लोगों के गुस्से को कुछ हद तक कम किया जा सके. कोरोना वायरस
मास्को. क्या 48 घंटे बाद दुनिया को कोरोना वायरस (Coronavirus) के खिलाफ लड़ाई में बड़ी जीत मिलने जा रही है. रूस (Russia) ने दावा किया है कि वो 12 अगस्त को कोरोना वायरस की वैक्सीन रजिस्टर करवाने जा रहा है. रूस के उप-स्वास्थ्य मंत्री ने कहा है कि रूस 12 अगस्त को कोरोना वायरस के खिलाफ अपना पहला टीका रजिस्टर
नई दिल्ली. दुनियाभर की निगाहें कोरोना वायरस (Coronavirus) वैक्सीन पर टिकी हुई हैं. इस बीच विश्व स्वास्थ्य संगठन के महानिदेशक ने कहा है कि वैज्ञानिकों का अनुमान है कि दुनिया को एक साल या उससे भी पहले भी कोविड-19 की वैक्सीन मिल सकती है. वैक्सीन को विकसित करने, उसका निर्माण करने और वितरण करने में उन्होंने वैश्विक सहयोग
नई दिल्ली. दुनिया भर की नजरें कोरोना वैक्सीन (Coronavirus Vaccine) पर टिकी हुई हैं. इस बीच कोरोना वैक्सीन से जुड़ी एक अहम जानकारी सामने आई है. ब्रिटिश वैज्ञानिकों ने कोरोना वायरस मरीजों के लिए एक ऐसी दवा खोज निकाली है, जो मृत्यु दर को कम करती है. जानकारी के मुताबिक, यूके में वैज्ञानिकों ने कोरोना वायरस रोगियों
न्यूयॉर्क. दुनिया की सबसे बड़ी शक्तियां अपनी अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए दवाओं के लिए संघर्ष कर रही हैं. और विश्व के नेता अपने रुके हुए कार्यबल को फिर से शुरू करने के लिए कोरोना वायरस वैक्सीन (corona virus vaccine) को एकमात्र वास्तविक तरीके के रूप में देख रहे हैं. और इसी दिशा
नई दिल्ली. कोरोना वायरस वैक्सीन (Coronavirus Vaccine) पर पूरी दुनिया की निगाहें टिकी हुई हैं. इसी बीच बांग्लादेश के डॉक्टरों ने कोरोना वायरस (Coronavirus) की दवा खोजने का दावा किया है. बांग्लादेश की एक मेडिकल टीम का दावा है कि दो दवाओं को मिलाकर तैयार किये गए एंटीडोट से कोरोना वायरस (Coronavirus) के लक्षणों वाले मरीजों को ठीक
हैदराबाद. हैदराबाद यूनिवर्सिटी के बायोकेमिस्ट्री डिपार्टमेंट, स्कूल ऑफ लाइफ साइंसेज की डॉ. सीमा मिश्रा कोरोना वायरस (coronavirus) की वैक्सीन को लेकर प्रयोग कर रही हैं. सीमा का कहना है कि वह कोरोना वायरस की वैक्सीन जल्द ढूंढ लेंगी. उन्होंने एक पोटेंशियल वैक्सीन कैंडीडेट्स डिजाइन किए हैं, जिन्हें टी सेल एपिटोप्स नाम दिया गया है. ये नोवल कोरोना
सियाटेल. अमेरिका (USA) के सियाटेल में कोरोना वायरस (Corona Virus) के वैक्सीन का परीक्षण शुरू हो गया है. सोमवार को 45 साल की एक महिला को कोरोना का वैक्सीन दिया गया. माना जा रहा है कि अगर ये परीक्षण सफल हो गया तो कोरोना वायरस से निपटने के लिए ये वैक्सीन बहुत कारगर हो सकता है. अमेरिकी नेशनल इंस्टीट्यूट