नई दिल्ली. भाद्रपद पूर्णिमा से आश्विन कृष्णपक्ष अमावस्या तक के सोलह दिनों को पितृपक्ष (Pitru Paksha 2019) कहते हैं. इस दौरान जिस तिथि में पूर्वजों या परिवार के किसी सदस्य की मृत्यु होती है, उसी तिथि को पितृपक्ष में उनका श्राद्ध किया जाता है. शास्त्रों के अनुसार पितृपक्ष में अपने पितरों का जो भी व्यक्ति अपनी शक्ति सामर्थ्य