बिलासपुर। ईसाई धर्म का प्रचार-प्रसार करने के लिए युवक ने अपने मकान को प्रार्थना सभा भवन बना दिया था। यहां हिंदुओं को बुलाकर प्रार्थना करवाते थे और कन्वर्जन के लिए दबाव बनाया जा रहा था। सूचना पर हिंदू संगठन के कार्यकर्ता भारी संख्या में पहुंचकर हंगामा किया है। लिखित शिकायत पर सरकंडा पुलिस ने
रायपुर, . राजा मोरध्वज की त्याग, धर्म और सत्यनिष्ठा की गौरवगाथा को समर्पित मोरध्वज आरंग महोत्सव–2026 का समापन समारोह ऐतिहासिक गरिमा और भव्यता के साथ सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर उपस्थित जनसमुदाय को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि राजा मोरध्वज का जीवन छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक चेतना और नैतिक मूल्यों
बिलासपुर। बीमारी ठीक करने का झांसा देकर महिलाओं व युवक-युवतियों को एकत्रित कर प्रार्थना करवा रहे थे। साथ ही हिंदू धर्म को छोडऩे के लिए प्रेरित कर रहे थे। इसी दौरान हिंदू संगठन के कार्यकर्ता पहुंच गए और जमकर हंगामा मचाया। सूचना पर पुलिस की टीम भी मौके पर पहुंच गई। पुलिस इस मामले
प्रयागराज : दुनिया के सबसे बड़े धार्मिक समागम महाकुंभ के नजदीक आने के साथ ही डीआईजी वैभव कृष्ण और महाकुंभ मेला क्षेत्र के एसएसपी राजेश द्विवेदी ने शनिवार को यहां कुंभ मेला क्षेत्र का निरीक्षण किया। क्षेत्र का निरीक्षण करने के बाद कृष्ण ने मीडिया को बताया कि पुलिस इस आयोजन के लिए पूरी तरह
गुरुदेव श्री श्री रवि शंकर सरस्वती कोई व्यक्ति नहीं है। चेतना का वह तत्व जो कभी नीरस नहीं होता बल्कि जीवन के उत्साह और सार से परिपूर्ण होता है, वह सरस्वती है। देवी सरस्वती ज्ञान, संगीत और ध्यान का अवतार हैं। विद्या की देवी सरस्वती का स्वरूप एवं संकल्पना विश्व में अद्वितीय है। यदि
मिरारोड के वॉक्हार्ट अस्पताल का अनोखा उपक्रम मुंबई/अनिल बेदाग . मृत्यू पश्चात अंगदान से किसी जरूरतमंद व्यक्ती को नई जिंदगी मिल सकती हैं। इसलिए अंगदान करना काफी जरूरी हैं। भारत में अंग दाताओं की कमी के कारण हर साल 5 लाख से ज्यादा लोगों की मौत हो जाती है। भारतीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार लगभग
अगर आपने फेंगशुई शास्त्र (feng shui shastra) को पढ़ा होगा तो इससे जुड़ी कई खास बातों की जानकारी आपको होगी. इस शास्त्र में ड्रैगन की ताकत और चमत्कार के बारे में विस्तार से बताया गया है. इसे श्रेष्ठता, दिव्यता और शूरता के प्रतीक के रूप में देखा जाता है. फेंगशुई शास्त्र कहता है कि, जो
नई दिल्ली. कार्तिक कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को अहोई अष्टमी (Ahoi Ashtami) का व्रत रखा जाता है. इन दिन महिलाएं अहोई माता (पार्वती) की पूजा करती हैं और अपनी संतान की दीर्घायु की कामना करती हैं. जिस तरह पति की लंबी उम्र के लिए महिलाएं करवा चौथ करती हैं, उसी तरह बच्चों के लिए अहोई अष्टमी का