November 17, 2025
जिनके पूर्वज अंग्रेजों की चाटुकारिता में स्वतंत्रता आंदोलन का विरोध करते रहे, अब सत्ता में बने रहने के लिए गौरव दिवस मना रहे
धरती के आबा भगवान बिरसा मुंडा के कृतित्व आज के परिवेश में और अधिक प्रासंगिक भगवान बिरसा मुंडा ने आदिवासी हितों की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति दी, वर्तमान सरकार आदिवासियों के अधिकारों को बलपूर्वक कुचल रही है रायपुर/17 नवंबर 2025। जनजातीय गौरव दिवस के सरकारी आयोजनों को राजनैतिक पाखंड करार देते हुए

