बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने दुष्कर्म के एक गंभीर मामले में सत्र न्यायालय द्वारा सुनाई गई सजा को बरकरार रखते हुए आरोपी की अपील खारिज कर दी है। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि डर, धमकी या दबाव में दिया गया कथित सहमति, कानून की नजर में सहमति नहीं है। यह फैसला न्यायमूर्ति नरेंद्र कुमार व्यास ने