नई दिल्ली. कृषि कानून के खिलाफ दिल्ली की सीमाओं पर जारी प्रदर्शन के बीच केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर (Narendra Singh Tomar) ने शनिवार को जानकारी दी कि अब किसानों द्वारा पराली जलाना अपराध नहीं माना जाएगा. वहीं संयुक्त किसान मोर्चा की भी शनिवार को एक महत्वपूर्ण बैठक हुई, जिसमें 29 नवंबर को होने
नई दिल्ली. लोक सभा (Lok Sabha) के लिस्ट ऑफ बिजनेस (List Of Business) के मुताबिक, सोमवार को केंद्रीय कृषि मंत्री (Union Agriculture Minister) नरेंद्र सिंह तोमर (Narendra Singh Tomar) कृषि कानून निरसन विधेयक, 2021 (The Agricultural Laws Repeal Bill, 2021) को सदन में पेश करेंगे. सरकार की मंशा सोमवार को ही इस विधेयक पर चर्चा कराकर
नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार प्रकाश पर्व के मौके पर राष्ट्र को संबोधित करते हुए तीन कृषि कानूनों को वापस लेने का ऐलान किया. पीएम ने कहा कि एमएसपी को और अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाने के लिए, ऐसे सभी विषयों पर, भविष्य को ध्यान में रखते हुए, निर्णय लेने के लिए, एक
नई दिल्ली.पिछले दिनों हुई लखीमपुर हिंसा में मारे गए भाजपा कार्यकर्ता शुभम मिश्रा के परिवार से मुलाक़ात करने को लेकर संयुक्त किसान मोर्चा ने स्वराज पार्टी के नेता योगेन्द्र यादव को एक महीने के लिए निलंबित कर दिया है। योगेंद्र यादव के निलंबन पर किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा है कि वे एक महीने
चंडीगढ़. उत्तराखंड में सियासी संकट के बाद हरियाणा में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के लिए मुश्किलें खड़ी हो गई हैं. दरअसल, केंद्र सरकार के कृषि कानूनों (Farm Laws) के खिलाफ जारी किसान आंदोलन (Farmers Protest) से अब हरियाणा सरकार पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं. कांग्रेस विधान सभा में भाजपा-जजपा (BJP-JJP) गठबंधन सरकार के
नई दिल्ली. भारत में कृषि कानूनों के खिलाफ किसान आंदोलनों में शामिल रहीं प्रमुख महिलाओं को टाइम (TIME) मैगजीन ने अपना कवर पेज डेडिकेट किया है. टाइम मैगजीन ने अपना इंटरनेशल कवर भारत की उन महिलाओं को समर्पित किया है, जो दिल्ली की सीमाओं पर किसान आंदोलन का नेतृत्व कर रही हैं और महीनों से
मेलबर्न. भारत के नए कृषि कानूनों (Farm Laws) के विरोध और समर्थन के खेल में ऑस्ट्रेलिया (Australia) में रहने वाले सिख समुदाय (Sikh Community) के कुछ लोगों को निशाना बनाया गया. गौर करने वाली बात ये है कि हमला करने वाले भी भारतीय ही थे. सिडनी निवासी पीड़ित पक्ष का कहना है कि कृषि कानूनों
जिनेवा. किसान आंदोलन (Farmers Protest) को लेकर होने वाली बयानबाजी के लिए भारत ने इशारों-इशारों में संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (UNHRC) को जमकर सुनाया. UNHRC के 46वें सत्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि इंद्रमणि पांडे (Indra Mani Pandey) ने कहा कि भारत सरकार ने किसानों के विरोध-प्रदर्शन को लेकर अत्याधिक सम्मान दिखाया है. उन्होंने आगे
नई दिल्ली. कनाडा (Canada) में रहने वाले भारतीयों की सुरक्षा को लेकर सरकार चिंतित है. सरकार ने इस संबंध में कनाडा से बात करके भारतीयों (Indians) की सुरक्षा सुनिश्चित कराने को कहा है. दरअसल, कनाडा में रहने वाले भारतीयों ने कृषि कानूनों (Farm Laws) के समर्थन में तिरंगा रैली (Tiranga Rally) निकाली थी, जिससे खालिस्तानी
ग्वालियर. केंद्र सरकार के नए कृषि कानूनों (New Agriculture Laws) के खिलाफ दिल्ली की तमाम सीमाओं पर करीब तीन महीने से किसानों का प्रदर्शन (Farmers Protest) जारी है. इस बीच सरकार और किसान नेताओं के बीच 12 दौर की बातचीत हो चुकी है, लेकिन इस पर कोई सहमति नहीं बन पाई है. अब केंद्रीय कृषि
कैथल. किसान आंदोलन (Farmers Protest) के बीच लोग लाइमलाइट में आने के लिए अलग-अलग तरह के प्रयोग कर रहे हैं. कोई ट्रैक्टर को सजा रहा है, कोई तिरंगा लेकर सड़क पर भाग रहा है तो कोई कावड़ लेकर जा रहा है. लेकिन हरियाणा (Haryana) के कैथल में रहने वाले एक परिवार ने कुछ नया करने
गाजियाबाद. दिल्ली-उत्तर प्रदेश के बीच स्थित गाजीपुर बॉर्डर (Ghazipur Border) एक किले में तब्दील हो गया है. यहां हजारों किसान नए केंद्रीय कृषि कानूनों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. पुलिस ने प्रदर्शन स्थल पर कई स्तरों पर बैरिकेड लगाए गए हैं और सुरक्षा बलों की भारी तैनाती की गई है. गाजीपुर बॉर्डर (Ghazipur
नई दिल्ली. गणतंत्र दिवस (Republic Day) के मौके पर ट्रैक्टर परेड (Tractor Parade) के दौरान हुई हिंसा के बाद चार किसान संगठनों ने अपना धरना खत्म कर दिया है और किसानों का आंदोलन (Farmers Protest) कमजोर पड़ने लगा है. लेकिन इस बीच दिल्ली-उत्तर प्रदेश (Delhi-UP) के गाजीपुर बॉर्डर (Ghazipur Border) आंदोलन तेज करने की तैयारी
नई दिल्ली. तीन कृषि काननों को लेकर किसान नेताओं और केंद्र सरकार (Central Government) के बीच जारी 8वें दौर की वार्ता अब समाप्त हो चुकी है. हालांकि पिछले कुछ बैठकों की तरह ये बैठक भी बेनतीजा रही. जिसके बाद सरकार ने 15 जनवरी को अगले दौर की वार्ता का ऐलान किया है. कानून रद्द होने
नई दिल्ली. राकांपा प्रमुख और पूर्व कृषि मंत्री शरद पवार ने मंगलवार को आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने राज्यों से विचार विमर्श किये बिना ही कृषि संबंधी तीन कानूनों को थोप दिया. उन्होंने कहा कि दिल्ली में बैठकर खेती के मामलों से नहीं निपटा जा सकता क्योंकि इससे सुदूर गांव में रहने वाले किसान