नई दिल्ली. एम्स की रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन (RDA) ने दावा किया है कि कोरोना काल की दूसरी लहर में कोरोना वायरस (Covid-19) संक्रमण का पता लगाने के लिए जिस गार्गल लवेज टेक्नीक को आईसीएमआर (ICMR) ने किसी और को क्रेडिट देते हुए अपनी मंजूरी दी है उसे साल भर पहले एम्स के युवा डॉक्टरों ने खोजा