नई दिल्ली. रत्न शास्त्र को ज्योतिष की बहुत अहम शाखा माना गया है. रत्नों की मदद से कुंडली के निर्बल ग्रहों को मजबूत करके उनसे शुभ फल पाए जा सकते हैं. साथ ही शुभ ग्रहों को और मजबूत करके उनसे मिलने वाले फल को बढ़ाया जा सकता है. रत्न शास्त्र में 9 रत्न और 84 उपरत्न
नई दिल्ली. रत्नों (Gemstones) का जिंदगी पर बहुत असर होता है. जिंदगी के तमाम पहलूओं और उनसे जुड़ी समस्याओं को लेकर रत्न शास्त्र (Ratna Shastra) में रत्न सुझाए गए हैं. फिर चाहे वह पैसे या करियर (Career) की बात हो या फिर रिश्तों की. रत्न शास्त्र में कुछ रत्न ऐसे बताए गए हैं जो बेहद
नई दिल्ली. परेशानियों से निजात पाने के लिए लोग कई तरह के उपाय करते हैं, इनमें रत्न (Gemstone) पहनना प्रमुख उपायों में से एक है. रत्न जिंदगी पर अहम असर डालते हैं और आर्थिक स्थिति, रिश्ते, सेहत, तरक्की आदि में प्रभावी नतीजे देते हैं. नीलम, पुखराज, पन्ना, हीरे के बारे में ज्यादातर लोग जानते हैं लेकिन
नई दिल्ली. शनि ग्रह के नकारात्मक प्रभावों को दूर करने में नीलम रत्न (Sapphire) बहुत कारगर है. यह रत्न यदि शुभ फल दे तो व्यक्ति को सफलता की ऊंचाइयों पर ले जाता है. रत्न शास्त्र (Ratna Shastra) में इसे बेहद प्रभावी रत्न (Gemstone) माना गया है. वहीं नीलम का ही एक प्रकार होता है ‘खूनी
नई दिल्ली. हर व्यक्ति की कुंडली (Kundali) में ग्रहों की दशाएं अलग-अलग होती हैं और उनका जिंदगी पर शुभ-अशुभ असर भी अलग-अलग होता है. यदि कोई ग्रह (Planet) कमजोर हो तो उसे मजबूत करके अच्छे फल पाने के कई उपाय ज्योतिष में बताए गए हैं. इसमें से एक अहम उपाय है रत्न शास्त्र (Ratna Shastra) के
नई दिल्ली. ज्योतिष शास्त्र (Astrology) में भविष्य में आने वाले संकटों की भविष्यवाणी करने के साथ उनसे बचने या उनसे होने वाले नुकसान (Loss) को कम करने के उपाय भी बताए गए हैं. इसके लिए कुंडली के मुताबिक रत्न (Gemstones) पहनना बहुत कारगर उपाय माना गया है. रत्न पहनने से जातक के कमजोर ग्रहों (Planets) को