बेंगलुरु. अरबपति कारोबारी एलन मस्क की कंपनी स्पेसएक्स ने भारत के नवीनतम संचार उपग्रह जीसैट-एन2 को अमेरिका के केप कैनवेरल से सफलतापूर्वक प्रक्षेपित किया। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन इसरो (ISRO) की वाणिज्यिक शाखा न्यूस्पेस इंडिया लिमिटेड ने इसकी जानकारी दी। एनएसआईएल ने बताया कि फाल्कन 9 रॉकेट के जरिए 4,700 किलोग्राम वजनी ‘जीसैट-एन2 हाई-थ्रूपुट उपग्रह
श्रीहरिकोटा . इसरो सोमवार को पहले एक्स-रे पोलरिमीटर उपग्रह (एक्सपोसैट) के प्रक्षेपण से नये साल का स्वागत करेगा। उपग्रह ब्लैक होल जैसी खगोलीय रचनाओं के रहस्यों से पर्दा उठाएगा। अक्तूबर में गगनयान परीक्षण यान ‘डी1 मिशन’ की सफलता के बाद यह प्रक्षेपण किया जा रहा है। यह मिशन करीब 5 वर्ष का होगा। ध्रुवीय उपग्रह
बेंगलुरू. भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने रविवार को कहा कि उसने देश के पहले सौर मिशन ‘आदित्य एल1’ अंतरिक्ष यान के प्रक्षेपण पथ संशोधन संबंधी प्रक्रिया (टीसीएम) को पूरा कर लिया है। इसरो ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर कहा, ‘अंतरिक्ष यान बिल्कुल सही स्थिति में है और सूर्य की तरफ बढ़ रहा है।
चंद्रयान-3 की चंद्रमा पर सफल लैंडिग के बाद भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के प्रमुख एस. सोमनाथ ने अभियान की सफलता की घोषणा की.इसरो चीफ़ ने पीएम मोदी का अभिवादन करते हुए उन्हें बोलने के लिए आमंत्रित किया.उन्होंने कहा, “मैं अपने पीएम से हमें आशीर्वाद देने को कहूंगा.”ब्रिक्स सम्मेलन में भाग लेने के लिए दक्षिण
बेंगलुरु. भारत का महत्वाकांक्षी तीसरा चंद्र मिशन ‘चंद्रयान-3′ सोमवार को कक्षा में नीचे लाए जाने की एक और सफल प्रक्रिया से गुजरने के साथ ही चंद्रमा की सतह के और नजदीक पहुंच गया। बेंगलुरु में स्थित भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने बताया कि चंद्रयान-3 अब चंद्रमा की ‘निकटवर्ती कक्षा’ में पहुंच गया है। चंद्रयान-3′
श्रीहरिकोटा. भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के गुरुवार को पृथ्वी की निगरानी करने वाले उपग्रह ‘ईओएस-03’ को श्रीहरिकोटा के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से सफलतापूर्वक लॉन्च किया, लेकिन लॉन्चिंग के बाद तकनीकी समस्या आ गई. सैटेलाइट ने दो चरण सफलता पूर्वक पूरे किए, लेकिन 18 मिनट के बाद क्रायोजेनिक इंजन में तकनीकी गड़बड़ी आ गई. इसरो के
बेंगलुरु. आत्मनिर्भर भारत के लिए आज ऐतिहासिक दिन है. अतंरिक्ष में भी जय हिंद गूंजेगा. इसरो का पोलर सैटेलाइट लॉन्च व्हीकल इस बार अपने साथ सैटेलाइट के अलावा भगवद गीता की एक इलेक्ट्रॉनिक कॉपी लेकर उड़ान भरने की तैयारी कर चुका है. एक नैनो सैटेलाइट पर PM नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) की तस्वीर भी होगी.
श्रीहरिकोटा. भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान (ISRO) ने संचार उपग्रह CMS-01 (पूर्व में जीसैट-12आर) को ध्रुवीय उपग्रह प्रक्षेपण यान (PSLV C50) रॉकेट से लॉन्च कर दिया है. इसने गुरुवार की शाम आंध्र प्रदेश (Andhra Pradesh) के श्रीहरिकोटा (Sriharikota) में रॉकेट पोर्ट से उड़ान भरी. भारत के 42वें संचार उपग्रह (कम्युनिकेशन सैटेलाइट) सीएमएस-01 के साथ रॉकेट ने श्रीहरिकोटा
चेन्नई. रूसी अंतरिक्ष एजेंसी (Russian Space agency) के मुताबिक अंतरिक्ष में बड़ा हादसा टल गया. एजेंसी से जारी बयान में कहा गया है कि शुक्रवार को भारतीय सैटेलाइट कार्टोसैट (Cartosat 2F) और रूसी सैटेलाइट केनापुस (Kanopus) बेहद करीब आ गए थे. रूसी एजेंसी रॉसकोमोस (Roscosmos) ने अपने ट्वीट में कहा है कि दोनों सेटेलाइट के बीच की दूरी
चेन्नई. एक वेबिनार में इसरो (ISRO) का दिलचस्प वाकया सामने आया है. वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ.माइलस्वामी अन्नादुजराई (Dr. Mylswamy Annadujrai) ने रविवार को ये किस्सा बयान किया. दरअसल वर्ष 2011 में रूस की अंतरिक्ष एजेंसी के साथ मिशन चंद्रयान -2 (Chandrayaan-2) पर काम हो रहा था, तभी उनके पीछे हटने की वजह से इसरो को अपनीयोजना में
नई दिल्ली. भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए ताकतवर संचार उपग्रह जीसैट-30 (GSAT-30) को सफलतापूर्वक लॉन्च किया. इसरो का GSAT-30 यूरोपियन हैवी रॉकेट एरियन-5 (Ariane-5) द्वारा शुक्रवार तड़के 2.35 मिनट पर छोड़ा गया, जोकि जियोसिंक्रोनस ट्रांसफर ऑर्बिट में सफलतापूर्वक लॉन्च हुआ. इस तरह भारत ने इस साल यानि 2020 के पहले
नई दिल्ली. भारतीय अंतरिक्ष एजेंसी इसरो (ISRO) ने आंध्र प्रदेश (Andra Pradesh) के श्रीहरिकोटा (Sriharikota) से RISAT-2BR1 सैटेलाइट लॉन्च किया है. यह भारत के लिए दूसरी खुफिया आंख की तरह काम करेगा. आज दोपहर 3 बजकर 25 मिनट पर पीएसएलवी सी-48 रॉकेट के साथ इसे लॉन्च किया गया. आपको बता दें कि इस बार इसरो ने
नई दिल्ली. भारतीय अंतरिक्ष एजेंसी इसरो (ISRO) के लिए आज का दिन बेहद खास होने जा रहा है. इसरो आंध्र प्रदेश (Andra Pradesh) के श्रीहरिकोटा (Sriharikota) में मौजूद सतीश धवन स्पेस सेंटर के लॉन्चिंग पैड से दोपहर 3 बजकर 25 मिनट पर पीएसएलवी सी-48 रॉकेट के लॉन्च किया जाएगा. मंगलवार दोपहर बाद 4 बजकर 40 मिनट पर पीएसएलवी की
चेन्नई‡ आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा लॉन्च पैड से 27 नवंबर की सुबह 9.28 बजे भारत के पोलर सैटेलाइट लॉन्च व्हीकल (पीएसएलवी) रॉकेट से 14 उपग्रहों को सिर्फ 27 मिनट में अंतरिक्ष में भेजा जाएगा. भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) अपने पीएसएलवी-एक्सएल वेरिएंट के साथ 14 उपग्रहों को अंतरिक्ष में स्थापित करेगा. इसमें मुख्यत: भारत का 1,625
नई दिल्ली. भारतीय अंतरिक्ष एजेंसी (ISRO) द्वारा चंद्रमा पर भेजे गए चंद्रयान-2 के ‘लैंडर विक्रम’ (Lander Vikram) से संपर्क होने का इंतजार केवल भारत में ही नहीं दुनियाभर के लोगों को है. इस फेहरिस्त में हॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता ब्रैड पिट का नाम भी शामिल हो गया है. ब्रैड पिट ने एक बार लोगों की दिलचस्पी भारत के मिशन मून
वॉशिंगटन. भारत का चंद्रयान2 मिशन भले ही सॉफ्ट लैंडिंग के अपने लक्ष्य को हासिल नहीं कर पाया है, लेकिन इसने करीब 95 फीसद सफलता हासिल की है। भारतीय अंतरिक्ष एजेंसी इसरो के इस कदम की तारीफ देश ही नहीं दुनिया में हो रही है। जिस तरह से इसरो के वैज्ञानिकों ने इस जटिल मिशन को
टोक्यो/बेंगलुरु। चंद्रयान-2 की 95 फीसदी सफलता के साथ दुनियाभर में इसरो की तारीफ हो रही है। अमेरिका से लेकर रूस और इजरायल तक ने भारतीय वैज्ञानिकों की क्षमता और योग्यता का लोहा मान लिया है। 2022 में भारत की योजना स्पेस में इंसानी मिशन भेजने की है। उसके बाद 2024 में इसरो चंद्रयान-2 से भी अधिक
नई दिल्ली. इसरो को चंद्रयान के मामले में बड़ी कामयाबी मिली है। विक्रम का पता चल गया है और ऑर्बिटर ने इसकी इमेज भेजी है। हालांकि, अभी तक विक्रम लैंडर से संपर्क नहीं हो पाया है, लेकिन वह किस लोकेशन पर है, उसकी पक्की जगह का पता चल गया है। ऑर्बिटर से अलग होने के बाद
नई दिल्ली. पीएम नरेंद्र मोदी ने ISRO के वैज्ञानिकों को शनिवार सुबह संबोधित किया. उन्होंने वैज्ञानिकों की तारीफ की और उन्हें देश के लिए जीने और जूझने वाला बताया. बता दें भारत का महत्वाकांक्षी मिशन चंद्रयान शुक्रवार देर रात चांद से महज 2 किलोमीटर की दूरी पर आकर खो गया. चांद की सतह की ओर बढ़ रहा लैंडर विक्रम का चांद की सतह
नई दिल्ली. चंद्रमा की सतह पर उतरते समय लैंडर विक्रम से ISRO का संपर्क टूट जाने के कुछ मिनट बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने अंतरिक्ष एजेंसी को शानदार कार्य के लिए बधाई थी और कहा कि यह प्रत्येक भारतीय के लिए एक प्रेरणा है. बता दें चंद्रयान-2’ के लैंडर ‘विक्रम’ का चांद पर उतरते