नई दिल्ली. कृषि कानून के खिलाफ दिल्ली की सीमाओं पर जारी प्रदर्शन के बीच केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर (Narendra Singh Tomar) ने शनिवार को जानकारी दी कि अब किसानों द्वारा पराली जलाना अपराध नहीं माना जाएगा. वहीं संयुक्त किसान मोर्चा की भी शनिवार को एक महत्वपूर्ण बैठक हुई, जिसमें 29 नवंबर को होने
नई दिल्ली. लोक सभा (Lok Sabha) के लिस्ट ऑफ बिजनेस (List Of Business) के मुताबिक, सोमवार को केंद्रीय कृषि मंत्री (Union Agriculture Minister) नरेंद्र सिंह तोमर (Narendra Singh Tomar) कृषि कानून निरसन विधेयक, 2021 (The Agricultural Laws Repeal Bill, 2021) को सदन में पेश करेंगे. सरकार की मंशा सोमवार को ही इस विधेयक पर चर्चा कराकर
ग्वालियर. केंद्र सरकार के नए कृषि कानूनों (New Agriculture Laws) के खिलाफ दिल्ली की तमाम सीमाओं पर करीब तीन महीने से किसानों का प्रदर्शन (Farmers Protest) जारी है. इस बीच सरकार और किसान नेताओं के बीच 12 दौर की बातचीत हो चुकी है, लेकिन इस पर कोई सहमति नहीं बन पाई है. अब केंद्रीय कृषि
नई दिल्ली. भारतीय जनता पार्टी ने इस साल होने जा रहे चार राज्यों के चुनाव के लिए प्रभारियों की नियुक्ति की है. राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने असम, तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी के लिए कुल 6 केंद्रीय मंत्रियों, एक उपमुख्यमंत्री और एक राष्ट्रीय प्रवक्ता को जिम्मेदारी सौंपी है. जी किशन रेड्डी को तमिलनाडु का प्रभार
नई दिल्ली. किसान आंदोलन को लेकर सरकार और किसान संगठनों के बीच आज 10वें दौर की बातचीत होगी. पहले ये बातचीत मंगलवार को होने वाली थी, लेकिन ये एक दिन के लिए टल गई. अब बुधवार दोपहर 2 बजे से ये बैठक दिल्ली के विज्ञान भवन में होगी. 20 जनवरी सुबह 11 बजे दिल्ली पुलिस
नई दिल्ली. केंद्र और प्रदर्शनकारी किसानों के बीच शुक्रवार को होने वाली महत्वपूर्ण बैठक से पहले केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने गुरुवार को कहा कि सरकार तीन नए कृषि कानूनों को वापस लेने के अलावा किसी भी प्रस्ताव पर विचार करने को तैयार है. हालांकि, किसानों की केंद्र सरकार से एक मुख्य मांग
नई दिल्ली. केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर (Narendra Singh Tomar) ने कहा है कि किसान यूनियनों के नेता सोमवार को हुई बातचीत में नए कृषि कानूनों (New Farm Law) को रद्द करने की मांग पर अड़े रहे. इसी कारण वार्ता में कोई रास्ता नहीं निकल पाया. उन्होंने उम्मीद जताई कि अगली
नई दिल्ली. नए कृषि कानूनों (New Agriculture Laws) के विरोध में किसानों का आंदोलन (Farmers Protest) 35वें दिन भी जारी है. किसानों और सरकार के बीच बुधवार (आज) को छठे दौर की वार्ता होगी. दोपहर दो बजे होने वाली बातचीत में किसान संगठनों के नेता शामिल होंगे. पांचवें दौर की वार्ता के 25 दिनों बाद
नई दिल्ली. कृषि कानूनों (Agriculture Laws) के खिलाफ किसानों का प्रदर्शन (Farmers Protest) लगातार जारी है और विरोध करने वाले किसान चक्का जाम का प्लान बना रहे हैं. इस बीच कानूनों के समर्थन में करीब 20 हजार किसान आ गए हैं और आज (रविवार) गाजियाबाद में प्रदर्शन करेंगे. वहीं सिंघु बॉर्डर पर किसान नेताओं की
नई दिल्ली. कृषि कानूनों (Farmers Laws) के खिलाफ किसानों के प्रदर्शन (Farmers Protest) के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर की चिट्ठी का समर्थन किया है. नरेंद्र सिंह तोमर ने गुरुवार को किसानों के नाम एक खुला खत लिखा और कहा कि देश के खिलाफ खड़े लोग किसानों को
नई दिल्ली. नए कृषि कानूनों (New Farm Law) के खिलाफ दिल्ली के बॉर्डर पर बैठे किसानों का आंदोलन (Farmers Protest) आज 20वें दिन भी जारी है. सोमवार को भूख हड़ताल करने के बाद अब किसानों ने सरकार को चेतावनी दी है कि वे कानूनों को रद्द करवाए बगैर धरना स्थलों से नहीं हटेंगे. किसान आज बैठक
नई दिल्ली. कृषि कानूनों (Agriculture Laws) का विरोध कर रहे किसानों ने केंद्र सरकार के संशोधन प्रस्ताव को खारिज कर दिया है और कहा है कि कानूनों को रद्द करने तक आंदोलन (Farmers Protest) जारी रहेगा. इसके साथ ही दिल्ली की सिंघु बॉर्डर पर बैठे किसानों ने महापंचायत कर तीनों कानून रद्द कराने के लिए
नई दिल्ली. कृषि कानूनों (Agriculture Law) के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे किसानों और सरकार के बीच शनिवार को विज्ञान भवन में हुई पांचवें दौर की बातचीत भी बेनतीजा रही और किसानों का प्रदर्शन (Farmers Protest) लगातार 11वें दिन रविवार (6 दिसंबर) को भी जारी है. पांचवे दौर की बातचीत में भी किसान तीनों कानून वापस
नई दिल्ली. ऑल इंडिया टैक्सी यूनियन (All India Taxi Union) ने सरकार को चेतावनी दी है कि अगर नए कृषि कानूनों (Agricultural Law) के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे किसानों (Farmers Protest) की मांगे नहीं मानी गई तो वे हड़ताल पर जाएंगे. यूनियन के अध्यक्ष बलवंत सिंह भुल्लर ने इसकी जानकारी दी . ‘देश भर के चालक
नई दिल्ली. मीठी क्रांति, ये वो क्रांति है जो शहद का उत्पादन बढ़ाकर लाई जानी है. इसके जरिए किसानों को देश और विदेश में ग्राहक देकर उनकी जेब में ज्यादा पैसे डालने की तैयारी है. दरअसल शहद एंटीऑक्सीडेंट (Antioxidant) का काम करता है और हेल्थ में लिए कई तरह की बीमारियों को दूर करता है.