नई दिल्ली. देश की शीर्ष अदालत ने कहा है कि सुसाइड करने वालों को कमजोर दिल का नहीं मानना चाहिए. हर एक इंसान बिगड़े मानसिक स्वास्थ्य से अपनी तरह से लड़ता है, सभी को एक तराजू में तौलकर उनकी परेशानियों को कम नहीं मानना चाहिए. सुप्रीम कोर्ट ने ये बात आत्महत्या के लिए उकसाने में