मुंबई /अनिल बेदाग.  भारत में उर्जा के प्राकृतिक स्रोतों के विकल्पों के बारे में जागरुकता बढ़ रही है। हालांकि बढ़ती जागरुकता एवं सरकार द्वारा शुरू की गई कई पहलों के बावजूद स्वच्छ उर्जा को सुलभ बनाना जल्द से जल्द ज़रूरी हो गया है। इस बीच ‘सोलर स्पैक्ट्रम ऑफ न्यू इंडिया’ के एक विश्लेषण में पाया