Tag: Ramayan Story In Hindi

हनुमान जी की इन बातों को सुनकर छलक आईं माता सीता की आंखें

हनुमान जी ने सीता जी के सामने जब प्रभु राम की दी हुई अंगूठी गिराई तो उन्होंने उसे अपने हाथों में लिया और पहचान कर विचार करने लगीं कि ऐसी अंगूठी माया से रची नहीं जा सकती है. फिर श्री रघुनाथ जी तो अजेय हैं जिन्हें हरा कर कोई यह अंगूठी प्राप्त नहीं कर सकता.

सुबेल पर्वत से प्रभु राम ने चलाया एक बाण, टूट गया था रावण का छत्र-मुकुट

रावण के पुत्र प्रहस्त और पत्नी मंदोदरी ने उसे समझाने का बहुत प्रयास किया कि सीता को वापस कर युद्ध से बचा जा सकता है किंतु रावण पर इन बातों का कोई प्रभाव नहीं पड़ा. वह अपनी शक्ति को निहारते हुए महल पहुंचा. साथ ही सारे तनाव को भूलने के लिए महफिल में पहुंचा जहां
error: Content is protected !!