कोरोना वायरस से संक्रमित होने के बाद लंबे समय तक शरीर में एंटीबॉडी बनी रहती हैं। हाल ही में सिम्टोमैटिक और एसिम्टोमैटिकलोगों में एंटीबॉडी को लेकर एक शोध हुआ है। इटली में इंपीरियल कॉलेज लंदन और पडुआ विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं के नेतृत्व में एक नए अध्ययन से पता चला है कि SARS-CoV-2 इंफेक्शन के 9
नई दिल्ली. कोरोना वायरस लगातार अपना स्वरूप बदल रहा है और अब इसके नए वेरिएंट का पता चला है. भारत में कोरोना की दूसरी लहर के लिए जिम्मेदार डेल्टा वेरिएंट अब म्यूटेट होकर ‘डेल्टा प्लस’ या AY.1 में तब्दील हो चुका है जो कि वैज्ञानिकों के लिए एक नई चुनौती है. इसी डेल्टा वेरिएंट के
मुंबई. वाशिंगटन यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ मेडिसिन (Washington University School of Medicine) के शोधकर्ताओं द्वारा किए गए नए अध्ययन में यह बात सामने आई है कि आंखों में मौजूद कॉर्निया कोरोना वायरस (SARS-Cov-2) के संक्रमण का प्रतिरोध करता है. अन्य वायरस जैसे सिंप्लेक्स और जीका वायरस कॉर्निया को प्रभावित करते हैं, जबकि कोरोना वायरस यहां खुद को