उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी (SP) में आंतरिक कलह थमने का नाम नहीं ले रही. सपा प्रमुख अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) और प्रगतिशील समाजवादी पार्टी लोहिया (प्रसपा) के अध्यक्ष शिवपाल यादव (Shivpal Yadav) के बीच नाराजगी अब खुल कर सामने आ रही है. हाल ही में सपा के स्टार प्रचारकों की सूची में शिवपाल को
मुलायम यादव के कुनबे में 3 साल बाद एक बार फिर जोरदार टकराव शुरू हो गया है. बीजेपी से कथित नजदीकी पर पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने अपने चाचा शिवपाल यादव (Shivpal Yadav) पर तंज कसा तो प्रसपा प्रमुख भी भतीजे पर बरस पड़े और तीखे अंदाज में जवाब दिया. ‘चाचा को लेने
लखनऊ. चाचा-भतीजा यानी शिवपाल और अखिलेश यादव (Shivpal Yadav & Akhilesh Yadav) की लड़ाई का फायदा भाजपा को मिल सकता है. BJP शिवपाल के सहारे समाजवादी पार्टी (सपा) के खिलाफ बड़ा रणनीतिक दांव चल सकती है. पार्टी रणनीतिकारों ने जिस तरह सपा खेमे में सेंध लगाते हुए विधायक नितिन अग्रवाल को विधानसभा उपाध्यक्ष बनाया था,
इटावा. उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में लगातार चुनावी सरगर्मी जारी है. इस बीच प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (Pragatisheel Samajwadi Party) के अध्यक्ष शिवपाल यादव (Shivpal Yadav) ने अपने भतीजे और समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) के अध्यक्ष अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) को गठबंधन पर जल्द से जल्द स्थिति साफ करने का संदेश दिया है. शिवपाल यादव ने कहा
लखनऊ. पिछले दिनों शिवपाल यादव ने कहा कि सपा के शीर्ष कुनबे में कुछ षड़यंत्रकारी ताकतें परिवार में एकता नहीं होने दे रही हैं. इसी तरह सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने परोक्ष रूप से शिवपाल के प्रति नरम रुख अख्तियार करते हुए कहा कि यदि कोई घर वापसी करना चाहता है तो वह वापस आ सकता
इटावा. अपनी पार्टी बनाने के बावजूद शिवपाल यादव (Shivpal Yadav) और अखिलेश यादव के बीच कड़वाहट कम नहीं हुई है. पिछले दिनों समाजवादी पार्टी ने विधानसभा अध्यक्ष हृदयनारायण दीक्षित को चिट्ठी लिखकर दल-बदलू कानून के तहत कार्रवाई करते हुए शिवपाल यादव को समाजवादी पार्टी से निष्कासित करने की अपील की थी. आज शिवपाल यादव ने ऐलान किया