नई दिल्ली. हिंदी सिनेमा जगत के जाने माने गीतकारजावेद अख्तर (Javed Akhtar) अपने गानों के साथ अपनी बेबाकी के लिए भी मशहूर हैं. आए दिन ट्विटर पर वह अपने बेबाक बयान लोगों से साझा करते रहते हैं. सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर वह हमेशा ही खुलकर अपनी बात रखने के लिए तारीफ पाते हैं. अब जावेद अख्तर
नई दिल्ली. पूरे विश्व में इस समय कोरोना वायरस फैला हुआ है और सरकारें इससे बचाव में लगी हुई हैं, लेकिन दूसरी तरफ पाकिस्तान अब भी भारत के खिलाफ साजिश रचने में लगा हुआ है. कश्मीर में लगातार आतंकियों को तो भेजा ही जा रहा है, जिससे हमारी सेना निपटने में लगी हुई है, लेकिन पाकिस्तान
नई दिल्ली. सोशल मीडिया (Social Media) छोड़ने की अटकलों के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने ट्वीट कर कहा कि आठ मार्च को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस (International Women’s Day) के मौके पर उनका सोशल मीडिया अकाउंट महिलाओं को समर्पित होगा. पीएम मोदी ने कहा कि आठ मार्च को उनका सोशल मीडिया अकाउंट उन महिलाओं को समर्पित होगा
चीन के अनहुई प्रांत के सुझोऊ शहर में सरकारी अधिकारियों ने सोशल साइट वीचैट के अपने अकाउंट पर ऐसी बात कही, जिसके चलते उन्हें लगातार लोगों के गुस्से का सामना करना पड़ रहा है. दरअसल, हाल ही में नाइटवियर पहने हुए सात लोगों की तस्वीरें स्थानीय अधिकारियों ने साझा की हैं. आधिकारीयों का कहना था
बिलासपुर. कोटा और लोरमी के बीच स्थित ग्राम तेंदुआ निवासी भागमती बाई जो भटकते हुए उज्जैन के आगे नवादा पहुंच गई थी – वहां के स्थानीय युवकों ने उसे भगत की कोठी ट्रेन में टिकट देकर – सह यात्री श्याम गढ़ की विंड मिल कम्पनी में काम करने वाले भोपाल निवासी वर्मा जी से मदद
बिलासपुर. अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय की छात्रा कुमारी वंदना दीवान जिसके साथ कुछ दिन पहले सड़क दुर्घटना हुई थी ।और तब से अब तक छात्रा अपोलो हॉस्पिटल बिलासपुर में ज़िदगी और मौत से लड़ रही है।विश्वविद्यालय के छात्र छात्राओं सहित शहर के महाविद्यालयों के अलावा शहर की रक्तदान में अग्रणी संस्था जज़्बा एजुकेशन एंड वेलफेयर
रतनपुर. आज के इस डिजिटल-युग मे रोज के रोज सोशल मीडिया के माध्यम से लोगो को नए-नए आइडिया, विचार,मिल रहे हैं भले ही आज का युवा-पीढ़ी सोशल-मीडिया में पॉजिटिव चीजो की जगह नेगेटिव चीजो पर ज्यादा फोकस करते हैं, पर इनके बावजूद कुछ युवा-पीढ़ी भी है, जो कि समाज के सही सोच के साथ समाज
नई दिल्ली. आमतौर पर स्मार्टफोन के उपयोग के नकारात्मक प्रभावों के बारे में लोगों को बात करते देखा जाता है, लेकिन हाल ही में शोधकर्ताओं ने कुछ ऐसा पाया है जिसके मुताबिक टीनएजर्स का अपने फोन पर या ऑनलाइन वक्त बिताना मानसिक स्वास्थ्य के लिए उतना भी बुरा नहीं है. नॉर्थ कैरोलिना विश्वविद्यालय में असिस्टेंट प्रोफेसर माइकेलिन जेन्सन