काबुल. अफगानिस्तान (Afghanistan) के राष्ट्रपति ने राष्ट्रीय सुलह के लिए एक परिषद की नियुक्ति की है, जोकि अंतिम तौर पर यह बताएगी कि, क्या सरकार तालिबान (Taliban) के साथ शांति समझौते पर हस्ताक्षर करेगी अथवा नहीं? जिसके बाद विद्रोहियों के साथ लंबी और अनिश्चित सौदेबाजी वाली वार्ता होने की उम्मीद है. युद्धग्रस्त देश का भविष्य
काबुल. तालिबान ने मंगलवार को ऐलान किया कि वह ईद-उल-अज़हा के तीन दिन अफगानिस्तान में कोई हमला नहीं करेगा. बकरीद का तीन दिन का त्योहार सप्ताह के अंत में शुरू हो रहा है. तालिबान के प्रवक्ता ज़बीउल्लाह मुजाहीद ने एक बयान में कहा कि कमांडरों को हिदायत दे दी गई है कि वे तीन दिन तक
काबुल. अफगानिस्तान (Afghanistan) के राष्ट्रपति अशरफ गनी के एक सलाहकार वहीद उमर ने कहा है कि तालिबान से बातचीत शुरू होने और देश में हिंसा की घटनाओं में कमी आने के बाद ही तालिबान के कैदियों को धीरे-धीरे रिहा किया जाएगा. वहीद उमर के सोमवार को दिए बयान कहा कि इन 2 शर्तो को मानने के
काबुल. अफगानिस्तान (Afghanistan) की शांति के लिए अफगान सरकार ने बात करने वाली तालिबान (Taliban) टीम के कुछ सदस्यों ने कहा है कि काबुल सरकार के साथ अंतर-अफगान वार्ता उनके लिए अमेरिका के साथ 18 महीने की चर्चाओं की तुलना में आसान होगी, जो लैंडमार्क शांति सौदे के समझौते पर हस्ताक्षर के साथ संपन्न हुई थी. एक न्यूज
काबुल. अफगानिस्तान (Afghanistan) में शांति की कोशिशों को सोमवार को एक बार फिर उस वक्त झटका लगा जब तालिबान (Taliban) ने यह साफ कर दिया कि वे अफगानिस्तान के संबद्ध पक्षों के बीच की वार्ता में तभी हिस्सा लेंगे जब अमेरिका के साथ हुए समझौते के तहत उसके पांच हजार बंदियों को रिहा कर दिया जाएगा.
कुंदुज (अफगानिस्तान). अफगानिस्तान के उत्तरी कुंदुज प्रांत में अफगान वायुसेना के हवाई हमले में तालिबान के डिविजनल कमांडर सहित कम से कम 14 आतंकवादी मारे गए. समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, प्रांतीय पुलिस ने एक बयान में कहा कि अफगान वायुसेना ने कुंदुज में आर्की जिले के कारलुक में तालिबान आतंकवादियों के ठिकाने पर सोमवार रात
नई दिल्ली. अफगानिस्तान के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) हमदुल्ला मोहिब ने तालिबान (Taliban) और पाकिस्तान पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि तालिबान और कुछ नहीं बल्कि पाकिस्तान और उसकी खुफिया एजेंसी आईएसआई की परछाईं मात्र है. अफगानिस्तान में पर्दे के पीछे से पाकिस्तान की भूमिका पर उन्होंने कहा कि अफगानिस्तान कभी भी पाकिस्तान की सत्ता को स्वीकार