नई दिल्ली. पत्रकारिता का एक व्यापक और विराट स्वरूप है. लोकतंत्र के चौथे खंबे के रूप में मशहूर इस क्षेत्र में हमेशा से कई प्रयोग होते आए हैं. कुछ प्रयोग दुनिया भर में बेहद पसंद किए गए तो वहीं कुछ की व्यापक आलोचना भी हुई. कभी चंद पन्नों से शुरु हुआ पत्रकारिता का इतिहास आज इंटरनेट