सातवें वेतनमान की मांग को लेकर शिक्षक शिक्षिकाओं ने सौंपा ज्ञापन

बिलासपुर/अनिश गंधर्व. सातवें वेतनमान की मांग को लेकर शासकीय कर्मचारी अधिकारी हड़ताल पर चले गये हैं। राज्य के समस्त शासकीय कार्यालय बंद पड़े हुए हैं। इन कर्मचारियों का आरोप है कि राज्य सरकार इनका हक मार रही है। 34 प्रतिशत बढ़े हुए दर से भुगतान से वंचित कर्मचारियों का कहना है कि जब तक राज्य सरकार इनकी मांगों पर अमल नहीं करेगी तब आंदोलन का क्रम जारी रहेगा। इसी कड़ी में स्कूली शिक्षक-शिक्षिकाओं ने नारेबाजी करते हुए धरना प्रदर्शन किया और दोपहर ढाई बजे कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव के नाम पर ज्ञापन सौंपा है।

केन्द्र सरकार द्वारा निर्धारित सातवे वेतनमान के तहत अन्य राज्यों केे समस्त सरकारी कर्मचारियों को 34 प्रतिशत महंगाई भत्ता दिया जा रहा है। छग सरकार द्वारा शासकीय कर्मचारियों को 22 प्रतिशत भत्ता दिया है, यहां के कर्मचारी अधिकारी इस बात का पूरजोर विरोध कर रहे हैं। बार-बार सरकार को अवगत कराये जाने के बाद भी जब इनकी मांगों को पूरा नहीं किया गया तो ये कर्मचारी अनिश्चित कालीन हड़ताल पर चले गये हैं। राज्य के समस्त जिला मुख्यालयों में धरना आंदोलन चल रहा है। इसी कड़ी में शिक्षक-शिक्षिकाओं ने धरना आंदोलन कर मुख्यमंत्री के नाम संयुक्त कलेक्टर बिलासपुर को ज्ञापन सौंपा है।

चारों ओर पसरा है सन्नाटा
शासकीय कर्मचारियों के हड़ताल में चले जाने के कारण चारों ओर सन्नाटा पसरा हुआ है। सारे शासकीय कार्यालय बंद पड़े हुए हैं। कलेक्टर कार्यालय, पुरानी कम्पोजिट बिल्डिंग के लगभग सारे शासकीय दफ्तर बंद है। इन कर्मचारियों के हड़ताल के मामले में राज्य सरकार द्वारा अभी तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। सरकार के रवैये से नाराज कर्मचारी अधिकारी अपनी मांगों को लेकर अड़े हुए हैं।

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