नाबालिग लड़की का अपहरण कर दुष्कर्म करने वाले आरोपी की जमानत निरस्त कर भेजा जेल

बड़वानी. न्यायालय प्रथम अपर सत्र न्यायालय सेंधव विजय सिंह कावछा साहब द्वारा आरोपी दिनोद पिता मेहरबान ठाकरे की धारा 363, 366, 376(2), 376(2) एन, भादवि एवं 5एल/6 लैंगिक अपराधों से बालको का संरक्षण अधिनियम 2012 में जमानत निरस्त की गई। अभियोजन की ओर से पैरवी श्रीमति इंदिरा चौहन सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी सेंधवा द्वारा की गई। अभियोजन मीडिया प्रभारी सुश्री कीर्ति चौहान ने बताया कि घटना दिनांक 15.06.21 नाबालिक बालिका घर पर अकेली थी। उसके माता पिता मजदूरी करने गये थे। वापस शाम को घर आये तो उनकी नाबालिक बालिका घर पर नहीं थी। फरियादी माता पिता ने आस-पास मोहल्ले रिश्तेदारों में तलाश किया पर बालिका कोई पता नहीं चला तथा फरियादी ने पुलिस थाना खेतिया में आरोपी विनोद के खिलाफ नाबालिक बालिका का अपहरण करने के आरोपी के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज करायी। कुछ दिन बाद पुलिस ने पीडि़ता को आरोपी के पास से बरामद किया। पीडि़ता ने बताया कि आरोपी विनोद जबरदस्ती बहला फुसलाकर शादी का झांसा देकर ले गया और भातको पुलिया के नीच जबरदस्ती मेरी इच्छा के विरुद्ध बलात्कार किया और फिर खेतिया से बैठाकार गुजरात तरफ कनखड़ी गाँव में लेकर गया और वहाँ पर खेत में झोपड़ी में उसे रखा और आरोपी ने यहाँ भी कई बार उसकी इच्छा के विरुद्ध बलात्कार किया पुलिस नेे आरोपी के विरुद्ध धारा 363, 366, 376 (2) 376 (2) एन भादवि एवं 5एल/6 लैंगिक अपराधों से बालको का संरक्षण अधिनियम 2012 में अपराध पंजीबद्ध कर आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया।
आरोपी ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से जमानत आवेदन पेश किया। अभियोजन की ओर से पैरवी श्रीमति इंदिरा चौहन सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी सेंधवा द्वारा की गई। आपत्ति करने पर माननीय न्यायालय द्वारा आरोपी का आपराधिक कृत्य गंभीर प्रवृत्ति का होने से जमानत आवेदन पत्र निरस्त कर जेल पहुंचाया गया।