योगी सरकार 2.0 के मंत्रियों की बैचेनी बढ़ी, आज होगा विभागों का बंटवारा!

लखनऊ. योगी सरकार 2.0 (Yogi Govt 2.0) के मंत्रियों में बेचैनी बढ़ गई है. नई सरकार के गठन के बाद अब सबकी नजरें विभागों पर टिकी हैं. आज (रविवार को) विभागों का बंटवारा हो सकता है. आज साफ हो जाएगा कि दोबारा मंत्रिमंडल (Cabinet) में शामिल हुए मंत्रियों (Ministers) के विभाग बदलेंगे या नए चेहरों को मौका दिया जाएगा.

मंत्रिमंडल में 31 नए चेहरे हुए शामिल

उत्तर प्रदेश (UP) में योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) की दूसरी सरकार के मंत्रिमंडल में 31 नए चेहरों को शामिल किया गया है, जबकि पिछली सरकार की टीम में से 21 को दोबारा जगह दी गई है. साल 2024 के आम चुनाव के मद्देनजर नए मंत्रिमंडल में अनुभवी और युवा नेताओं के बीच संतुलन साधा गया है. सीएम योगी की दूसरी सरकार में राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण उत्तर प्रदेश पर अपनी पकड़ को और मजबूत करने के लिए जातिगत समीकरण और क्षेत्रों के बीच एक अच्छा संतुलन है.

मंत्रिमंडल में सबसे ज्यादा उम्र के मंत्री कौन?

यूपी में लोक सभा की 80 सीट हैं. योगी सरकार के 52 सदस्यीय मंत्रिपरिषद में से 36 मंत्रियों की उम्र 40-60 के बीच है, जबकि दो की उम्र 40 से कम है और 12 की उम्र 60 साल से अधिक है. राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) अरुण कुमार सक्सेना, बरेली से तीसरी बार विधायक हैं, 73 साल के सबसे बड़े हैं, जबकि उसी रैंक के उनके सहयोगी संदीप सिंह, अनुभवी बीजेपी नेता कल्याण सिंह के पोते 31 साल के सबसे छोटे हैं.

यूपी के किस क्षेत्र से बने सबसे ज्यादा मंत्री?

उत्तर प्रदेश के नए मंत्रिमंडल में कई मंत्री ग्रेजुएट और पोस्ट ग्रेजुएट हैं, जबकि कुछ ऐसे हैं जिन्होंने केवल क्लास 8 तक पढ़ाई की है. नई टीम में चुनावी रूप से प्रभावशाली अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के 19 मंत्री, ठाकुर और ब्राह्मण सात-सात, दलित 8, वैश्य 4 के अलावा एक मुस्लिम और एक सिख भी हैं. शुक्रवार को शपथ लेने वाले मंत्रियों की सूची से पता चलता है कि भौगोलिक प्रतिनिधित्व के लिए, इस बार पश्चिमी यूपी से 23 मंत्री हैं, जो पिछले मंत्रिमंडल से 12 अधिक हैं. इस बार पूर्वी यूपी से 14 मंत्री हैं जो पिछली सरकार से तीन कम है. राज्य के मध्य हिस्से से 12 मंत्री बनाए गए हैं जो कि पिछली बार से एक कम है.

उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा इस बार मंत्रिमंडल में जगह न पाने वाले सरकार के नौ कैबिनेट मंत्रियों में शामिल हैं. अन्य जिन्हें नए मंत्रालय में जगह नहीं मिली, वे हैं- सतीश महाना, रमापति शास्त्री, जय प्रताप शाही, सिद्धार्थ नाथ सिंह और श्रीकांत शर्मा. कैबिनेट मंत्री के रूप में बेबी रानी मौर्य, जयवीर सिंह, आईएएस से नेता बने एके शर्मा, राकेश सचान के अलावा सहयोगी दलों के दो- अपना दल (सोनेलाल) के आशीष पटेल और निषाद पार्टी के संजय निषाद शामिल किए गए हैं.

राज्य मंत्रियों (स्वतंत्र प्रभार) में नए चेहरों में असीम अरुण शामिल हैं, जिन्होंने राजनीति में शामिल होने के लिए आईपीएस अधिकारी का पद छोड़ दिया था. इसके अलावा अपनी पत्नी स्वाति सिंह के साथ विवाद के कारण सुर्खियों में रहे दया शंकर सिंह भी शामिल हैं.

Add a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!